टीम अन्ना से निपटने की तैयारी में कांग्रेस, प्रिया ने दी अपनी ही सरकार को धमकी
मुंबई. महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय चुनाव का बिगुल बजते ही कांग्रेसियों को टीम अन्ना से निपटने के गुर सिखाए जाने लगे हैं। कांग्रेस कार्यकर्ता शिविर ‘दिशा-२०१२’ में मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने सीधे-सीधे कहा कि हिसार के उपचुनाव में टीम अन्ना ने बहती गंगा में हाथ धोने का काम किया। परंतु एक पार्टी विशेष को टारगेट किए जाने से उनकी असलियत अब जनता जान गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि टीम अन्ना को कोई सुझाव देना है या फिर किसी मसौदे को तैयार करने में मदद करनी है, तो वे जरूर करें। किंतु सिर्फ कांग्रेस को ही टारगेट किए जाने से उनके छुपे एजेंडे को जनता जान गई है। उन्होंने मुंबई मनपा चुनाव में टीम अन्ना द्वारा एनजीओ के जरिए उम्मीदवार खड़े किए जाने की खबरों पर टिप्पणी करते हुए कहा कि कांग्रेस सिर्फ लोकपाल विधेयक ही अमल में नहीं लाएगी बल्कि भ्रष्टाचार से निपटने वाला कड़ा कानून भी बनाएगी।
पूर्व केंद्रीय मंत्री कामत की अन्ना को नसीहत:
मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष कृपाशंकर सिंह के निर्देश पर सांसद प्रिया दत्त द्वारा आयोजित ‘दिशा-२०१२’ शिविर में पूर्व केंद्रीय मंत्री गुरुदास कामत ने टीम अन्ना पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने टीम अन्ना पर कांग्रेस के खिलाफ षड्यंत्र रचने का आरोप लगाया। कामत ने कहा कि अन्ना और उनके चार लोग सरकार पर जनलोकपाल विधेयक पास करने का दबाव बना रहे हैं, जबकि हकीकत यह है कि डेढ़ वर्ष से सरकार लोकपाल विधेयक पर काम कर रही थी और जब उसे संसद में पेश कर कानून बनाने का वक्त आया, तो बीच में ही अन्ना हजारे क्रेडिट लेने के लिए कूद पड़े।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस भ्रष्टाचार का समर्थन या फिर संरक्षण नहीं करती है। मगर जब अन्ना सिर्फ कांग्रेस के खिलाफ बोलते हैं और भाजपा के भ्रष्टाचार पर चुप्पी साध जाते हैं, तो जनता के मन में शंका उठना लाजमी है।
सांसद प्रिया दत्त ने दी आंदोलन की चेतावनी:
लेकिन मुंबई महानगरपालिका चुनाव के मद्देनजर कांग्रेस कार्यकर्ताओं की आयोजित पहली बैठक में मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण पर पार्टी के नेताओं ने जमकर तानों की बौछार की। आमतौर पर शांत व कम बोलने वाली कांग्रेस सांसद प्रिया दत्त ने तो इस सभा में अपने संसदीय क्षेत्र उत्तर-मध्य मुंबई के झोपड़पट्टी के मुद्दे पर महाराष्ट्र सरकार के खिलाफ आंदोलन करने तक की धमकी दे डाली।
सांसद प्रिया दत्त ने कहा कि यदि उन पर अपनी जनता और सीट में से किसी एक को चुनने की नौबत आई तो वे लोगों के भरोसे को नहीं तोडेंग़ी। दरअसल हुआ यूं है कि प्रिया के उत्तर-मध्य मुंबई लोकसभा क्षेत्र के ७० प्रतिशत लोग झुग्गी-झोपडिय़ों में रहते हैं। यहां मुंबई एयरपोर्ट के आसपास के इलाके में हजारों की संख्या में एयरपोर्ट के विस्तारीकरण व आधुनिक बनाए जाने के कारण विस्थापित होने वाले हैं। इसके अलावा प्रिया के इलाके में पुनर्विकास का काम भी तेजी से चल रहा है। इसलिए उनकी मांग है कि जो लोग भी इस तरह से बेघर होंगे, उनका पुनर्वास ३ किमी. की परिधि में ही हो। मगर राज्य सरकार चुप्पी साधे हुए है।
सुनील दत्त ने निकाला था अपनी ही सरकार के खिलाफ मोर्चा :
‘दिशा-२०१२’ में कई कांग्रेस नेताओं ने मुख्यमंत्री को आगाह किया कि १९८५ में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री की कुर्सी पर जब शंकरराव चव्हाण थे। तब सुनील दत्त ने झोपड़पट्टी वासियों की मांग को लेकर एक विशाल मोर्चा निकाला था। प्रिया ने कहा कि वे स्व. सुनील दत्त की ही बेटी हैं और जरूरत पडऩे पर अपनी ही सरकार के खिलाफ सड़क पर उतरने से पीछे नहीं हटेंगी।
...तो होगा राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन : बेदी
उधर, इलाहाबाद में टीम अन्ना की सदस्य किरण बेदी ने शुक्रवार को कहा कि संसद के शीतकालीन सत्र में लोकपाल विधेयक को पास कराने का जिम्मा कांग्रेस का है और अगर वह इसे पास कराने में विफल रहती है तो रामलीला मैदान की तरह राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन होगा। उन्होंने कहा कि टीम अन्ना कांग्रेस के खिलाफ नहीं है, लेकिन हमारा मानना है कि विधेयक पास कराने की जिम्मेदारी सत्तारूढ़ पार्टी की है। बेदी ने संवाददाताओं से कहा कि संसद के शीतकालीन सत्र में लोक पाल विधेयक पास नहीं हुआ तो देश भर के 300 से ज्यादा शहरों में रामलीला मैदान की तरह का प्रदर्शन हो सकता है।
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