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जंगी स्वागत से होगी गडकरी की अगवानी

Bhaskar News | Jan 24, 2013, 05:49AM IST
जंगी स्वागत से होगी गडकरी की अगवानी

नागपुर. तेजी से बदले घटनाक्रम में इस्तीफा देने के बाद भाजपा के पूर्व अध्यक्ष नितीन गडकरी गुरुवार सुबह नागपुर पहुंचेंगे।


गडकरी का हौसला बढ़ाने और पार्टी पदाधिकारी-कार्यकर्ताओं का समर्थन दिखाने के लिए उनका विमानतल पर भव्य स्वागत करने का निर्णय लिया गया है।


हालांकि इस दौरान गीत-संगीत या डीजे नहीं होगा बल्कि कार्यकर्ताओं का हुजूम उनकी अगवानी करेगा। विमानतल पर पुष्पमालाओं से स्वागत किया जाएगा।


पार्टी द्वारा इसके लिए सभी पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं को विमानतल पर सुबह 9:30 बजे उपस्थित रहने का आदेश दिया गया है।


इस संबंध में बुधवार सुबह भाजपा कार्यालय में बैठक होने की जानकारी भी है। जिसमें श्री गडकरी का भव्य स्वागत कर, उन्हें तीन साल के सफलतम कार्य के लिए शुभकामनाएं देने का निर्णय लिया गया है। सूत्रों ने बताया कि भले वे अध्यक्ष नहीं हैं, लेकिन उनका तीन साल का कार्यकाल सफल रहा है।


कार्यकर्ताओं के लिए वे प्रेरणास्रोत रहे हैं। इसलिए भव्य स्वागत कर उन्हें शुभकामनाएं दी जाएंगी। रैली के बाद वे वाड़े पर कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन करेंगे। नागपुर आगमन के बाद वे दोपहर 2 बजे रेशमबाग मैदान पर आयोजित एग्रो विजन के उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल होंगे।


खबर है कि एग्रो विजन उद्घाटन के बाद वे पार्टी पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करेंगे। फिलहाल इस संबंध में पार्टी पदाधिकारी ज्यादा कुछ कहने से बच रहे हंै।


हालांकि बदले घटनाक्रम से शहर भाजपा कार्यकर्ताओं में रोष दिखा। चर्चाओं का बाजार गर्म रहा। कोई पार्टी की अंदरूनी राजनीति को जिम्मेदार ठहरा रहा था तो कोई कांग्रेस को कोस रहा था। कल तक विजय रैली की तैयारी में जुटे कार्यकर्ता, आज निराश दिखे।


तय योजना अनुसार, पहले विमानतल से महल स्थित वाडे तक रैली निकालने की तैयारी थी। वर्धा मार्ग पर आतिशबाजी व विशेष संगीत का आयोजन किया गया था। सभी 6 मंडलों से स्वागत रैली निकलनेवाली थी। किन्तु सब धरा का धरा रह गया। 


28 को राजनाथ नागपुर में


भाजपा के नवनियुक्त अध्यक्ष राजनाथ सिंह 28 जनवरी को नागपुर में रहेंगे। बदले राजनीतिक घटनाक्रम के बाद उनका यह दौरा अति महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 28 जनवरी को आगमन के बाद वे सीधे ब्रम्हपुरी में आयोजित किसान सम्मेलन में जाएंगे। यहां से नागपुर लौटकर रेशमबाग मैदान पर एग्रो विजन के समापन समारोह में शामिल होंगे।


अब जनता के बीच जाएंगे


लोकसभा सीट से पहले नितीन गडकरी की ना-नुकुर की चल रही स्थिति बदले घटनाक्रम के बाद बदलने की संभावना जताई जा रही है। भाजपा के पूर्व अध्यक्ष नितीन गडकरी का लोकसभा चुनाव नागपुर लडऩा अब लगभग तय माना जा रहा है। पहले नागपुर को लेकर अनिश्चितता थी।


संभावना यह भी व्यक्त की जा रही थी कि वे नागपुर की बजाए इंदौर या वर्धा से लड़ेंगे। उनके लिए यह ज्यादा सुविधाजनक होगा। लेकिन अचानक बदली परिस्थितियों के बाद उनका अब नागपुर से लडऩा तय माना जा रहा है।



सूत्रों ने बताया कि पूर्ति उद्योग समूह में विविध कंपनियों के निवेश पर उठे सवाल से श्री गडकरी की छवि को धूमिल करने का प्रयास किया गया है। जिस कारण उन्हें अध्यक्ष पद से भी हाथ धोना पड़ा। अब माना जा रहा है वे जनता के बीच जाकर खुद को बेदाग साबित करेंगे।


खुद को बेदाग साबित करने का इससे अच्छा कोई माध्यम नहीं होगा। कार्यकर्ताओं में चर्चा है कि वे जनता के बीच खुद को साबित कर, दिल्ली की राजनीति में एक बार फिर सक्रिय होंगे। दमदार तरीके से एक बार फिर वापसी करेंगे।


हालांकि नागपुर में उनकी पहले से तैयारी चल रही है। राष्ट्रीय राजनीति में व्यस्त होने के बावजूद उन्होंने मनपा चुनाव में ज्यादा से ज्यादा सभाएं की थीं। कोशिश यह भी थी कि हर सभा में उपस्थित रहें।


इसी तरह वे मनपा सत्तापक्ष द्वारा लागू की जा रही प्रत्येक योजना पर कमांडिंग कर रहे हंै। पदाधिकारी व नगरसेवकों को बार-बार जनता के बीच जाने का निर्देश देते रहे। बूथ स्तर पर अलग-अलग तरह की कमेटियां बनाई हंै। अलग-अलग समुदायों का संगठन व मोर्चा बनाकर उनमें अपनी पैठ बनाने की कोशिश की है।


ऐसे में वे पहले से नागपुर में जमीन तैयार करते रहे। किन्तु राष्ट्रीय अध्यक्ष होने के नाते उनके सामने अनेक पर्याय थे। इंदौर, वर्धा को भी पर्याय के रूप में देखा जा रहा था।


इंदौर ज्यादा सुविधाजनक माना जा रहा था। ऐसे में नागपुर पर अनिश्चितता बनी थी। किन्तु अब अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने के बाद उनके सामने पर्याय सीमित हो चुके हैं। ऐसे में नागपुर से लडऩा लगभग तय माना जा रहा है। जनता के बीच जाकर वे आरोपों से खुद को निर्दोष साबित करेंगे। फिलहाल कांग्रेस इसपर नजर बनाये हुए है।


कांग्रेस की ओर से मौजूदा सांसद विलास मुत्तेमवार का लडऩा तय है। जब तक कोई बड़ा उलटफेर या तेजी से घटनाक्रम नहीं बदलते हैं, श्री मुत्तेमवार को ही कांग्रेस उम्मीदवार मानकर चल रही है।


हालांकि राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी की चेतावनी उनके लिए रुकावट बन सकती है। श्री गांधी ने अध्यक्ष व महासचिव-सचिव को लोकसभा-विधानसभा चुनाव लडऩे से पहले पार्टी पद से इस्तीफा देने को कहा है।


फिलहाल श्री मुत्तेमवार राष्ट्रीय महासचिव पद पर हैं। ऐसे में उनके सामने दिक्कतें पैदा हो सकती हैं। हालांकि भविष्य में गडकरी और मुत्तेमवार के बीच राजनीतिक लड़ाई होना तय माना जा रहा है।

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