सौ रुपए दीजिये और कटवा ले जाइये मनपसंद हरा-भरा पेड़!

नागपुर। सौ रुपए में हरा भरा नीम या सागौन का पेड़। लकड़ी व्यवसाय के जानकारों को यह खबर हास्यास्पद लग सकती है, लेकिन चौंकिए नहीं सौ रुपए में नागपुर जिले में भी ऐसे पेड़ मिल जाएंगे।
छिंदवाड़ा राष्ट्रीय महामार्ग पर चल रही पेड़ कटाई में यही बात सामने आयी है। आरोप लगाया जा रहा है कि वन विभाग के अधिकारियों से साठ-गांठ कर कंपनी के लोग धड़ल्ले से पेड़ काट रहे हैं। मामला क्या है।
छिंदवाड़ा की ओर जाने वाले राष्ट्रीय महामार्ग क्र.69 के फोरलेन चौड़ीकरण का ठेका ओरियंटल कंपनी को दिया गया है। कंपनी के द्वारा सड़क किनारे दोनों छोरों के पेड़ काटे जा रहे हैं। कंपनी द्वारा कटाई के लिए चिह्नित पेड़ों की सूची पर संदेह किया जा रहा है।
कहा गया है कि बड़े व कीमती पेड़ों को मामूली दर्शाकर कंपनी को फायदा पहुंचाया जा रहा है। छिंदवाड़ा मार्ग पर करीब 45 किमी तक 3,916 पेड़ दर्शाएं गए हैं। उनकी कीमत 3,81,655 रुपए दर्शायी गई है।
इस लिहाज से प्रत्येक पेड़ की औसतन कीमत 100 रुपए से भी कम है। इसी मार्ग पर 11 किमी के बीच 986 पेड़ चिह्नित किए गए हैं, जिनकी कीमत 9.27 लाख रुपए है।
यह आंकड़ा जीरो माइल से 3 से 14 किमी के बीच का है। कोलार से बुरुजवाड़ा के बीच पेड़ों की कीमत 2.46 लाख रुपए बतायी गई है। पेड़ों की सूची वन परिक्षेत्राधिकारी सेमिनरी हिल्स की रिपोर्ट पर आधारित है। राष्ट्रीय महामार्ग प्राधिकरण के प्रकल्प संचालक को यही सूची भेजी गई है।
आरोप क्या
पर्यावरण मामलों के जानकार व शिकायतकर्ता सुरेंद्रसिंह ठाकुर ने पेड़ों की गणना के संबंध में सूचना अधिकार के तहत जानकारी ली है। उनका आरोप है कि महामार्ग पर पेड़ों को औने-पौने दाम पर दर्शाकर सरकारी संपत्ति का जमकर दोहन किया जा रहा है।
पेड़ों की मूल गणना में चौड़ाई मीटर व सेंटीमीटर में दर्शायी गई है। उनमें से मीटर के अंकों को हटाकर सभी पेड़ों की चौड़ाई सेंटीमीटर में दर्शाकर अवैध कटाई की जा रही है। उन्होंने मामले को लेकर अदालत में जाने की तैयारी की है।
श्री ठाकुर का आरोप है वन परिक्षेत्र खापा के अधिकारियों की भी अवैध कटाई में मिलीभगत है। आंजन, साजा, सीसम के अलावा अन्य महंगी प्रजाति के पेड़ों को जलाऊ दर्शाकर काटा जा रहा है। भाजयुमो नेता सुरेंद्र यादव ने पेड़ कटाई की जांच की मांग के साथ आंदोलन की चेतावनी दी है।
नियमों का पालन
ओरियंट कंपनी के प्रकल्प प्रबंधक प्रशांत बरगी का कहना है कि पेड़ कटाई में किसी तरह की मनमानी नहीं हो रही है। नियमों का पालन किया जा रहा है। वन विभाग की अनुमति व दिशा निर्देशों के आधार पर ही कार्य किया जा रहा है।
शिकायतकर्ता श्री ठाकुर पहले उनकी ही कंपनी के लिए ठेकेदारी आधार पर पेड़ कटाई करते थे। पुन: ठेका नहीं मिलने पर वे निराधार आरोप लगा रहे हैं।
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