भीषण आग : पांच मकान जलकर खाक, लाखों रुपए का नुकसान

नागपुर. मोमिनपुरा में भीषण आग लगने से पांच मकान जलकर खाक हो गए। हादसे मेें जहां लाखों रुपए का नुकसान हो गया, वहीं कई लोग इस सर्द मौसम में बेघर हो गए। संकरी गली में मकान होने के कारण दमकलकर्मियों ने कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। उसके बाद ही आग पर काबू पाया जा सका।
चर्चा है कि गैस सिलेंडर में रिसाव होने से आग लगी, लेकिन सही कारणों का पता नहीं चल पाया है। आग की ऊंची लपटें देख पड़ोसी परिवार के साथ मकान से बाहर निकल आए। हादसे में पीडि़त परिवार के कुछ लोग झुलसने से बच गए। घटना बुधवार की शाम करीब 7 बजे भानखेडा कब्रस्तान रोड मोमिनपुरा में हुई।
दमकल कर्मियों के पहुंचने तक क्षेत्र के नागरिक आग पर काबू का पाने का प्रयास करते रहे। आग बुझने पर दमकल अधिकारी नकोड घटनास्थल पर पहुंचे, तब तक उन्हें पता ही नहीं था कि कितने मकानों में आग लगी है।
मिली जानकारी के अनुसार, भानखेड़ा कब्रस्तान रोड छोटी मस्जिद मोमिनपुरा में मोहम्मद अलीमुद्दीन अंसारी, मोहम्मद सादिक ऑटोवाले, मो. हिफजुल प्याजवाला, मो. अनिसुद्दीन और मो. जहरुद्दीन का मकान है। सभी मकान संकरी गली में हैं। बुधवार की शाम मो. हिफजुल प्याजवाला के मकान में आग लग गई। आग जिस कमरे में लगी, वहां प्याज के बोरे रखे थे।
आग तेजी से फैली और एक दूसरे से सटे मकानों को चपेट में ले लिया। उन मकानों में रहने वाले परिवार जान बचाकर भागे। सूचना मिलने पर दमकल विभाग के कर्मचारी घटनास्थल पर पहुंचे, मगर उनके हाथ काफी देर तक बंधे रहे। वे तरकीब लगाते रहे क्योंकि मकान संकरी गली में था और वहां तक दमकल वाहनों का पहुंचना कठिन था।
दमकल विभाग के कर्मियों ने बिना अधिकारी के जैसे-तैसे जुगत लगाई और पाइप फैलाकर आग पर काबू पाने की जद्दोजहद करने लगे। इस बीच क्षेत्र के पार्षद कामिल अंसारी पहुंचे। उनके साथ आए कार्यकर्ता आग बुझाने में जुट गए।
संकरी गलियां, मुश्किलें तमाम :
मोमिनपुरा की कुछ गलियां इतनी संकरी हैं कि कभी-कभी गली में सामने से कोई वाहन आ जाने पर पैदल चलना दुश्वार हो जाता है। ऐसे किसी हादसे के हो जाने पर तकलीफ तो होना लाजमी है। शहर के दूसरे क्षेत्रों में संकरी गलियां भले चौड़ी हो गई, लेकिन मोमिनपुरा की गलियों को इसका इंतजार वर्षों से आज भी इंतजार है।
8 दमकलों ने पाया काबू
घटनास्थल पर 8 दमकल वाहन पहुंचे थे। तहसील पुलिस भी पहुंची। विद्युत विभाग के कर्मियों ने अच्छा काम किया। उन्होंने सबसे पहले क्षेत्र की बिजली आपूर्ति को खंडित कर दिया। क्षेत्र में अंधेरा हो जाने से किसी को कुछ सूझ नहीं रहा था। भीड़ इतनी ज्यादा हो गई थी कि पुलिस को संभालना मुश्किल हो रहा था। दमकलकर्मियों के साथ आस-पास के युवा आग बुझाने में मदद कर रहे थे।
गरीब लोग हुए बेघर :
आग ने बुनकर, फुटपाथी दुकानदार, ऑटो चालक और प्याज बेचने वाले परिवारों को बेघर कर दिया। टीनशेड और कवेलू के मकान में आग लगने से सारा सामान जलकर खाक हो गया। उनके तन पर जो कपड़े थे। वही बचे बाकी सब कुछ नष्टï हो गया। मो. अलीमुद्दीन के परिवार में बेटे कमरुद्दीन, सलीमुद्दीन, राजू, जावेद, अजरुद्दीन , पत्नी और बहू व नाती रहते हैं। मो. अलीमुद्दीन और उनके बेटे किराए से ऑटो चलाते हैं।
सादिक के परिवार में भाई साबिर उर्फ कलुआ और दोनों भाइयों की पत्नी व बच्चे रहते हैं। अनिसुद्दीन और उसके भाई का परिवार बुनकर का काम करते हैं। पता चला है कि मो. हिफजुल के घर में अगले माह में शादी का कार्यक्रम है। आग में गहने, नगदी भी खाक हो गए।






