उपमहापौर का प्रभाग नेहरू नगर आज भी समस्याओं से मुक्त नहीं हो पाया है। प्रभाग अंतर्गत कई इलाकों में गंदगी, स्ट्रीट लाइटों का अभाव व रास्तों की खराब हालत देखने को मिलती है।
नेहरू नगर में दिन-ब-दिन बढ़ता यातायात लोगों के लिए परेशानी का कारण बनता जा रहा है। दरअसल स्पीड ब्रेकर का अभाव रहने से आए दिन यहां दुर्घटनाएं होती हैं। इसमें कई तो काफी गंभीर भी रहती हैं।
खुली डीपी से दुर्घटना को न्यौता : स्थानीय मेन रोड पर महीनों से डीपी खुली अवस्था में है, लेकिन इस पर ताला लगाने की सुध कोई नहीं ले रहा है। मार्ग से रोजाना बच्चों का आवागमन होता है, ऐसे में कभी भी कोई बच्च खुली डीपी से अनहोनी का शिकार बन सकता है।
अव्यवस्था का आलम : परिसर के बहुतांश इलाकों में अव्यवस्था का आलम देखा जा सकता है। नंदनवन में चकाचक गार्डन के बगल में गंदगी व्याप्त है। जहां नागरिक लघुशंका करते हैं। नेहरू नगर में स्थित मैदान सफाई के अभाव गंदगी से नाता जोड़े हुए है। यहां खेलने के लिए गलियों के बच्चे नहीं बल्कि मवेशी उपस्थित रहते हैं।
यहीं बना सार्वजनिक कुआं रख-रखाव के अभाव में गंदगी को समेटे हुए है। कुएं पर लगी मशीन महीनों से बंद रहने से कुएं का पानी किसी काम का नहीं रहा है। घर के सामने ही बरसात के पानी के लिए बनाए गटर को सीवर लाइन जोड़ने से परिसर में बदबू फैली रहती है। मार्ग पर लगा एक स्ट्रीट लाइट सड़क की तरफ नहीं बल्कि घर की तरफ मुड़ा हुआ है। इसके मरम्मत की सुध कोई नहीं ले रहा है।
प्रमुख समस्याएं
सार्वजनिक कुएं की दुर्दशा, मैदान में सफाई का अभाव।
मार्गो पर स्पीड़ ब्रेकर की दरकार।
मुख्यमार्ग पर खुली डीपी दे रही अनहोनी को न्यौता।
नागरिकों की नजर में सफलता
पानी - 60 प्रतिशत
स्वच्छता - 60 प्रतिशत
सड़कें - 70 प्रतिशत
स्ट्रीट लाइटें- 50 प्रतिशत
जनसंख्या
कुल - 30 हजार
मतदाता - 25 हजार
एस.सी. - 1200
एस.टी. - 700
ओबीसी - 22 हजार
ओपन - 2 हजार
प्रभाग आरक्षित
अ- ओबीसी पुरुष वर्ग
ब- ओपन महिला वर्ग
कौन से इलाके आते हैं
प्रभाग अंतर्गत ओमनगर, शिवनगर, गणोश नगर, महावीर नगर, सुदामपुरी, जूनी नंदनवन, मोरे ले-आउट, आनंद नगर, सुदामपुरी आदि इलाकों का सामावेश है।