असीम त्रिवेदी की गिरफ्तारी पर नाराज हुआ हाईकोर्ट

मुंबईकार्टूनिस्ट असीम त्रिवेदी की गिरफ्तारी से नाराज हाईकोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि पुलिस ने बिना सोचे समझे त्रिवेदी को गिरफ्तार किया। इस गिरफ्तारी को देखकर ऐसा लगता है कि पुलिस ने दिमाग का इस्तेमाल किए बिना ही त्रिवेदी पर देशद्रोह का मामला दर्ज कर लिया है।
अधिवक्ता संस्कार मराठे की ओर से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने पुलिस को काफी लताड़ा। न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़ व न्यायमूर्ति एए सैय्यद की खंडपीठ ने कहा कि जब अभी तक त्रिवेदी के मामले को लेकर कुछ तय नहीं।
क्या था मामला पुलिस ने 8 सितंबर को कार्टूनिस्ट असीम त्रिवेदी को देशद्रोह के आरोप में गिरफ्तार किया था। पुलिस के मुताबिक त्रिवेदी ने एक कार्टून में अशोक स्तंभ के नीचे सत्यमेव जयते की बजाय ‘भ्रष्टमेव जयते’ लिखा था। इसके साथ ही संसद को एक चित्र में शौचालय दिखाया था।
त्रिवेदी के कार्टूनों को देश के खिलाफ मानते हुए पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया था। पुलिस की इस कार्रवाई को गलत मानते हुए अधिवक्ता मराठे ने कोर्ट में याचिका दायर की है। याचिका पर सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने त्रिवेदी को पांच हजार रुपए के निजी मुचलके पर छोड़ने का आदेश दिया था।
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