नागपुर. जीवनावश्यक वस्तुओं के दामों में वर्ष 2011 जनवरी से 2012 जनवरी के अंतराल में नजर दौड़ायी जाएं तो अधिकांश वस्तुओं के (खासतौर पर गर्म मसालों) के दामों में भारी इजाफा हुआ है। सरकारी अंकड़े बताते हैं कि महंगाई कम हुई है, लेकिन वास्तविकता यह है कि जमीनी स्तर पर जीवनावश्यक वस्तुओं के दामों में काफी बढ़ोत्तरी हुई है।
किराना व्यवसायी चंदन गोस्वामी ने बताया कि महंगाई का मुख्य स्रोत डिब्बा प्रवृत्ति को सरकार द्वारा जिस प्रकार बढ़ावा दिया गया है, असल में वह आम आदमी के लिए बेहद घातक साबित हुआ है, जिससे जीवनावश्यक वस्तुओं के दामों में अनाप-शनाप बढ़त हुई है।
सटोरियों की सक्रियता से बाजार में तेजी देखने में आ रही है। बाजार में माल की उपलब्धता इस समय काफी है, परंतु सटोरियों की वजह से दामों में काफी इजाफा हुआ है।
इसका खामियाजा आम उपभोक्ता को भुगतना पड़ रहा है। मसालों में इस्तेमाल होने वाले मुख्यत: जीरा, लौंग, सरसो, राई, दाल चिनी, काजू, किसमिस, चारोली के दाम काफी बढ़े हैं। वहीं हल्दी व इलायची में विदेशी पूछ-परख नहीं होने से दामों में कमी आयी है।
सरकार बड़े घरानों व विदेशी दुकानों को यहां स्थापित करने के लिए छोटे व्यापारियों को नेस्तनाबुद करने के लिए नये-नये तरीके अपना कर छोटे व्यापारियों को परेशान किया जा रहा है।
इसमें नया खाद्य सुरक्षा मानक कानून व एफडीआई मुख्य कारण बताया जा रहा है। आने वाले समय में जीवनावश्यक वस्तुओं में और तेजी देखी जा सकती है।