अब 4जी तकनीक के लिए चिपसेट्स में सुधार लाने के वास्ते कंपनी की नई परियोजना के केंद्र में भी जोशी ही हैं। क्वालकॉम कंपनी ने ही दुनिया को सीडीएमए तकनीक दी थी। जोशी ने इस कंपनी में शुरुआत में सीडीएमए तकनीक को विकसित करने वाली शीर्ष टीम के सदस्य के बतौर काम शुरू किया।
2004 से 2010 के बीच उन्होंने आधुनिक सीडीएमए और जीएसएम प्रणाली में नवीन खोजों के लिए 10 पेटेंट हासिल किए। इसके बाद उनकी कंपनी ने स्मार्टफोन के लिए स्नैपड्रैगन नाम का प्रोसेसर तैयार किया जिसके विकास में जोशी की अहम भूमिका रही।
सरकारी स्कूल से पढ़ाई की
39 वर्षीय जोशी मूल रूप से महाराष्ट्र में औरंगाबाद जिले की वैजापुर तहसील के रहने वाले हैं। हाल ही में औरंगाबाद आए जोशी ने बताया कि उन्होंने मैट्रिक तक की पढ़ाई वैजापुर के सरकारी स्कूल में की। औरंगाबाद के सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज से इलेक्ट्रॉनिक और टेलीकम्युनिकेशन में बीई की डिग्री ली।
आगे की पढ़ाई आईआईटी-चेन्नई से की और फिर अमेरिका जाकर एमबीए किया। भारत लौटकर जोशी ने पुणे में सीडैक किया और आईआईटी-चेन्नई व मोटोरोला जैसी कंपनियों में काम करते हुए सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट के बारीक गुर सीखे और एक बार फिर कुछ नया करने के लिए अमेरिका चले गए।