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क्या फिर से शुरू हो चुका है हत्याओं का दौर

 
Source: Dainikbhaskar news   |   Last Updated 03:42(08/02/12)
 
 
 
 
नागपुर. नगर के अलग-अलग क्षेत्रों में मंगलवार को महज 7 घंटे के अंदर दो लोगों की हत्या कर दी गई। मोमिनपुरा में पैतृक संपत्ति में हिस्सेदारी को लेकर उत्पन्न हुए विवाद में भतीजों ने अपने पिता के साथ मिलकर चाचा की निर्ममता से हत्या कर दी। दूसरी हत्या सुअर चोरी करने के संदेह में अंबाझरी इलाके में एक अपराधी की गई। इस घटना में हत्यारों की संख्या 5 से अधिक बताई गई है। दोनों मामलों में पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी की है।

पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार भानखेड़ा रोड कादरशाह मस्जिद, मोमिनपुरा निवासी मोहम्मद आसिफ वल्द मोहम्मद खुर्शीद (35) की मंगलवार को सुबह उसके ही घर के पास करीब 11 बजे मकान की छत पर बेरहमी से हत्या कर दी गई।

आसिफ की हत्या उसके ही चचेरे भाई मोहम्मद नसीम अख्तर और उसके तीनो बेटे मोबिन अख्तर (20), मोइन अख्तर (22) और वसीम अख्तर (24) ने अपने मकान की छत पर की। हत्या को उसी जगह पर अंजाम दिया गया, जहां वसीम की बुआ के लिए कमरा बनाने की हिमायत करने मोहम्मद आसिफ इकबाल अपने चचेरे भाई नसीम के घर गया था।

आसिफ पर घातक शस्त्र से हमला किया गया, जिससे उसकी पेट की अतड़ियां बाहर निकल आई थीं। घटना के बाद वहां लोगों की भीड़ जमा हो गई। बढ़ती भीड़ को देख कर आरोपी वसीम अपने पिता और भाइयों के साथ घटनास्थल से फरार हो गया। काफी खोजबीन के बाद तहसील पुलिस ने आसिफ की हत्या करने में शामिल उक्त चारों आरोपियों को गिरफ्तार किया।

पहले हामी बाद में मुकर गए : सूत्रों से पता चला है कि वाइदा को पैतृक संपत्ति में कानूनन हक मिलने की बात आसिफ ने कही थी। वाइदा के भाई और भतीजे उसे ऊपर कमरा बनाने देने के लिए पहले राजी हुए थे, लेकिन मंगलवार की सुबह काम रोक दिया। उसके बाद वाइदा ने आसिफ को बुलाया। आसिफ समझाने पहुंचा तो गुस्से में आकर उसे ही मौत के घाट उतार दिया गया।

पत्नी हुई बेहोश : आसिफ की हत्या जिस मकान की छत पर की गई। वह पहुंचने का रास्ता काफी संकरा था। इसलिए आसिफ वहां से भाग नहीं पाया। खून से लथपथ आसिफ को पड़ोसियों ने ऑटो में डाला तो उसकी पत्नी सलमा उसे देखते ही बेहोश हो गई। आसिफ को चार बच्चे हैं। घटना के समय बड़ी बेटी नगमा उर्फ सोनू, बेटे खालिद, अस्सु और आहद घर पर ही थे।

गैरेज चलाता था आसिफ : आसिफ कामठी रोड पर फौजी बार के पास किंग ऑटो मोबाइल के नाम से गैरेज चलाता था। उसके गैरेज में वाहनों की डेंटिंग-पेंटिंग का काम चलता है। सोमवार की रात आसिफ सैलाब नगर इलाके में किसी धार्मिक कार्यक्रम से लौटा था।

वह चचेरे भाई नसीम के घर गया। आसिफ अपने भाई औेर भतीजों को समझा रहा था कि विधवा बहन के लिए ऊपर कमरा बनाने दो। यह बात उन्हें पसंद नहीं आई और बहस बढ़ गई, जिसके चलते आसिफ की हत्या कर दी गई। आसिफ की चचेरी बहन वाइदा को दो बच्चे हैं।

बेटे का नाम मुकीम और बेटी का नाम सइदा है। वाइदा के पति मेहदीहसन की 10 वर्ष पहले मौत हो चुकी है। तब से वाइदा डोबीनगर में अकेले अपने दोनों बच्चों के साथ रहती है। डोबी नगर बस्ती कुछ समय बाद हटाई जाने वाली है। इसमें वाइदा का मकान भी शामिल है।

भतीजों का था कड़ा विरोध : वाइदा का चचेरा भाई आसिफ इकबाल चाहता था कि उसकी बहन भाइयों के बीच रहकर अपने बच्चों की परवरिश करे। यही मंशा लेकर आसिफ ने अपने चचेरे भाई नसीम को कई बार समझाया था। वाइदा का सगा भाई नसीम तो चाहता था कि उसकी बहन उसके आसपास रहे, लेकिन उसके भतीजों का इस बात का कड़ा विरोध था। नसीम के मकान पर ईंट और रेत पहुंच चुके थे। मकान की दीवार जोड़ने का भी कार्य शुरू हो चुका था। आसिफ को क्या पता था कि उसकी यह समझाइश उसकी मौत बन जाएगी।

बेटे को बचाने में पिता की गई जान : अंबाझरी थानांर्तगत वाल्मिकी नगर गोकुलपेठ निवासी धनराज उर्फ अकरम सेवकदास शिव (55) के मकान पर मंगलवार की शाम आरोपी राजेश समुद्रे ने अपने साथी दीपक विश्वास, गोल्डी उर्फ पापा राने व अन्य आरोपियों के साथ हमला बोल दिया। राजेश समुद्रे और धनराज का बेटा नीरज शिव सूअर पालन का व्यवसाय करते हैं। राजेश की सूअरें दिन-ब-दिन कम होने लगी थीं। राजेश को संदेह हुआ कि उसकी सुअरों को नीरज चुरा कर बेच रहा है।

इसी बात को लेकर राजेश और उसके साथी धनराज के घर पर नीरज को सबक सीखाने के लिए हमला करने गए। उस समय नीरज के पिता धनराज डच्यूटी से घर लौट कर आए थे। धनराज वर्धा स्थित आदिवासी होस्टल में सफाई कर्मी थे। किसी समय धनराज का अपराध जगत से गहरा जुड़ाव था। राजेश और उसके साथियों ने नीरज पर हमला किया तो धनराज बीच बचाव करने दौड़े। आरोपियों ने धनराज के सीने पर गुप्ती से वार कर ढेर कर दिया। उसके बाद सभी हमलावर फरार हो गए। घटना में हमलावर भी घायल हुए हैं।

घटना की खबर मिलते ही पुलिस उपायुक्त कणसे, सहायक पुलिस आयुक्त धरम सिंह व अंबाझरी के थानेदार इंगोले सहयोगियों के साथ पहुंचे। घटनास्थल पर श्वान पथक को भी बुलाया गया। लता मंगेशकर अस्पताल में इलाज कराने पहुंचे आरोपी राजेश समुद्रे को अंबाझरी पुलिस ने सूचना मिलने पर वहां से गिरफ्तार कर लिया। पता चला है कि अन्य आरोपी दीपक विश्वास आरटीओ में दलाली का काम करता था। उसे फिलहाल तड़ीपार किया गया है। वह दाभा बस्ती में रहता है।

सवा महीने में 7 हत्याएं

नए वर्ष का अभी सवा महीना भी नहीं बीता है कि शहर में 7 हत्याएं हो गई हैं। हत्या की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए ऐसा लग रहा है कि शहर में हत्याओं का दौर शुरू हो चुका है। मंगलवार को शहर में 7 घंटे के भीतर 2 हत्याएं हुईं। 17 जनवरी को खरबी में ऑटो चालक मो. अफसर मो. कमर की, 20 जनवरी को अमरावती मार्ग पर ट्रक मालिक हरविंदर सिंह सिंधु यशोधरा नगर निवासी की हत्या कर दी गई। 23 जनवरी को सीताबर्डी में कमलेश उर्फ गोलू गाडगिलवार की और 2 फरवरी को सोनेगांव थानांतर्गत चौकीदार वसंत भलावी ने पत्नी खेमवती की और प्रेम संबंध के चलते राजू मेश्राम की हत्या कर दी गई।
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
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