जानते थे प्रेग्नेंट है फिर भी भाइयों ने ही कर दिया ऐसा घिनौना अपराध!

नागपुर। जिला व सत्र न्यायालय के न्यायाधीश बी. एस चव्हाण की अदालत ने एक प्रकरण की सुनवाई के दौरान दो सगे भाइयों का आरोप सिद्ध हो जाने पर उन्हें दो वर्ष की कठोर सजा सुनाई है।
आरोपी महेश उदयभान गलगले (31) और विष्णु उदयभान गलगले (27) ने अपनी गर्भवती बहन मनीषा गजानन अंबलवार की अगस्त 2011 में पिटाई की थी। वह अपने माता-पिता से शादी के बाद मिलने आई थी। उस समय मनीषा गर्भवती थी।
पिटाई से उसका गर्भपात हो गया था। उसने अपने दोनों भाइयों के खिलाफ प्रतापनगर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने अपनी बहन की कोख उजाड़ने वाले आरोपी महेश और विष्णु को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया था।
दोनों भाई अदालत से जमानत पर रिहा हो गए थे। मंगलवार को उक्त प्रकरण की सुनवाई के दौरान गलगले बंधुओं को दोषी पाते हुए उन्हें दो वर्ष की कठोर कारावास व एक हजार रुपए का जुर्माना भरने की सजा सुनाई। जुर्माने की रकम न भरने पर तीन माह की अतिरिक्त सजा सुनाई गई।
मनीषा अंबलवार का कसूर सिर्फ इतना था कि उसने परिवार वालों की मर्जी के बिना यवतमाल निवासी गजानन अंबलवार से प्रेम विवाह किया था। शादी के बाद पहली बार मनीषा अपने माता-पिता से मिलने आई। उस समय उसके पेट में डेढ़ माह का गर्भ था।
उसके दोनों भाई महेश और विष्णु ने उसे माता-पिता से मिलने नहीं दिया। उसके जिद करने पर दोनों ने उसकी जमकर पिटाई कर दी, जिससे उसका गर्भपात हो गया। मनीषा ने अपने दोनों भाइयों की करतूतों के बारे में 19 अगस्त 2011 को प्रतापनगर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी।
पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर उसके दोनों भाइयों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया था। उस समय वे दोनों जमानत पर रिहा हो गए थे। पुलिस उपनिरीक्षक विकास देशमुख ने उनके खिलाफ अदालत में दोषारोपण पत्र पेश किया। इस कार्य में पुलिसकर्मी जाफर शेख और जीवनलाल गुप्ता ने सहयोग किया।
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