महिलाओं ने 8 महीने तक करवाया युवती का गैंगरेप, और भी घिनौनी करतूत

नागपुर। लकड़गंज क्षेत्र में सामूहिक दुष्कर्म के बाद एक युवती को दूसरे राज्य में बेच दिया गया। घटना को कुछ महिलाओं की मदद से ही अंजाम दिया गया है। पुलिस ने दस लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर दो महिला समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया है।
मिली जानकारी के अनुसार पीड़ित 26 वर्षीय युवती लकड़गंज क्षेत्र की निवासी है। दिसंबर 2011 में जब वह काम पर जा रही थी, तभी चंदा सातपुते, निशा कुशवाह और शेखली की मदद से आसिफ, आयुष और आबू ने उसका अपहरण कर लिया।
बाद में उन्हीं महिलाओं की मदद से उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया। दिसंबर से शुरू हुआ यह सिलसिला 25 जुलाई 2012 तक चलता रहा। इन आठ महीनों में ब्लैकमेलिंग की आड़ में पीड़िता कई बार सामूहिक दुष्कर्म का दंश झेल चुकी है।
इस बारे में किसी से कुछ बताने पर उसे जाने से मारने की धमकी दी गई थी। शनिवार को पीड़िता थाने पहुंची और मौजूद अधिकारियों को अपनी आपबीती सुनाई। इस गंभीर मामले में महिलाओं की लिप्तता होने से पुलिस के भी रोंगटे खड़े हो गए।
पीड़िता की शिकायत पर पुलिस तत्काल हरकत में आई और चंदा, निशा, आसिफ, अयुष और आबू को गिरफ्तार कर ली है। जिन्हें रविवार को पुलिस अदालत में पेश करने वाली है। मामले में लिप्त अन्य आरोपियों की तलाश सरगर्मी से की जा रही है।
सहानुभूति हासिल कर बेचा: चंदा, निशा और शेखली मजबूर और गरीब घर की युवतियों, महिलाओं को दूसरे राज्यों में बिक्री करने वाले गिरोह की सदस्य हैं। पीड़िता की अस्मत को तार-तार करने के बाद इन महिलाओं ने उसके प्रति सहानुभूति दर्शाई और उसकी शादी करा कर घर बसाने का सब्जबाग दिखाई।
इनके झांसे में आई पीड़िता को मध्यप्रदेश ले जाया गया, जहां पर उसे ऊंची कीमत पर देवसिंह नामक व्यक्ति को बेच दिया गया। देवसिंह ने कुछ दिनों तक पीड़िता को अपने पास रखा। इसके बाद उसने भी पीड़िता को भानुसिंह नामक व्यक्ति को बेच दिया।
इस बीच भानु ने फिर से पीड़िता को देवसिंह को सौंप दिया। देवसिंह ने फिर से उसे राजाराम को बेच दिया। पीड़िता ने राजाराम को अपनी आपबीती बताई। उससे राजाराम का दिल पसीजा और वह मध्यप्रदेश पुलिस की मदद से नागपुर ले आया। पीड़िता को सात माह का गर्भ है। इस तरह से पीड़िता कई लोगों के हाथों की कठपुतली बनी रही।
सुर्खियों में रहा है चंदा का नाम
गिरोह की सदस्य हाथ लगने से महिलाओं की खरीदी-बिक्री से जुड़े कई मामले उजागर होने की संभावना व्यक्त की जा रही है। गिरोह की सदस्य चंदा का नाम इसके पहले भी सुर्खियों में रहा है। करीब 7-8 महीने पहले उसने क्षेत्र की ही चार बच्चों की मां को 50 हजार रुपए में राजस्थान में बेच दिया था।
इस मामले को दैनिक भास्कर ने प्रमुखता से उजागर किया था। शहर के स्लम व झोपड़पट्टी क्षेत्र से आई तीन युवतियां व महिला गायब होने की शिकायतें थाने में पहुंची हैं। इस गिरोह के हाथ लगने से पुलिस को संदेह है कि चंदा व निशा ने इसी तरह से कुछ महिलाओं की बिक्री की होगी।
यहां पर फांसती है शिकार
चंदा व निशा अधिकतर धार्मिक व सार्वजनिक स्थानों पर अपना शिकार तलाशती हैं। यहां पर अकेली दिखने वाली महिला से करीबी संबंध बनाने में चंदा माहिर है। बाद में स्वयं को अमीर घर की महिला दिखाकर जरूरतमंदों को मदद करने का आश्वासन देती है।
उस दौरान चंदा अपने शिकार का फोन नंबर व घर का पता हासिल कर लेती है। उसके बाद चंदा घर तक पहुंचती है। इस मामले में चंदा ने पीड़िता को भी इसी तरह से फांसा है।
पीड़िता के माता-पिता नहीं हैं। वह अपने भया-भाभी के साथ रहकर दूसरों के घरों में काम करती है। पीड़िता की माली हालत देखकर चंदा ने उसे फंसा लिया व अपने उपरोक्त साथियों की मदद से घटना को अंजाम दिया। पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की है।
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