मुंबई में पुलिसवालों की यह सच्चाई चौंका देने वाली है भाई

मुख्य न्यायाधीश मोहित शाह व न्यायमूर्ति आर.वी .मोरे की खंडपीठ के समक्ष सुनवाई के दौरान शिरीष पटेल ने एक आवेदन दायर कर बताया कि मुंबई महानगरपालिका शहर की अवैध झोपड़पट्टी में रहने वाले लोगों को पानी का कनेक्शन नहीं देती है। लेकिन इन झोपड़पट्टियों में रहनेवाले 10 फीसदी पुलिस कर्मियों के इलाकों में पानी आता है।
श्री पटेल ने इसे सरासर भेदभाव बताया। इस खंडपीठ ने राज्य सरकार को हलफनामा दायर करने का निर्देश दिया और मामले की सुनवाई 5 अप्रैल तक के लिए टाल दी। याचिका के मुताबिक मुंबई की 70 प्रतिशत आबादी झोपड़पट्टी में रहती है।
ऐसे में पानी का कनेक्शन नहीं होने से उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। गौरतलब है मनपा 1995 के बाद बनी झोपड़पट्टियों को पानी का कनेक्शन नहीं देती और उन्हें अवैध मानती है।
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