विज्ञापन
 
 
 
 

नागपुर के एक और सपूत ने रचा इतिहास

 
Source: Bhaskar News   |   Last Updated 08:57(21/12/11)
 
 
 
 

नागपुर. नागपुर के सपूत एक के बाद एक विश्व पटल पर उपराजधानी का नाम रोशन कर रहे हैं। पहले प्रवीण भिवगड़े, राजेश बुरबुरे, फिर सुनील वाघमारे, एक दिन पूर्व ज्योति आमगे और अब मनीष पाटील ने एक नया कीर्तिमान स्थापित कर शहर का गौरव बढ़ाया है।

 

बुद्घनगर स्थित बुद्घ पार्क के क्रीड़ा संकुल सभागृह में श्री पाटील ने लगातार 6 दिन में 120 घंटे देश का संविधान, बाबासाहब आंबेडकर की जीवनी व शेरो-शायरी का पठन कर संतरों की नगरी को रिकार्ड की नगरी का नाम दे दिया है। इनकी उपलब्धि के लिए राकांपा व यूथ वेलफेयर एसोसिएशन ने आयोजक की भूमिका निभाई।

 

गौरतलब है कि श्री पाटील ने 12 दिसंबर की रात 8.20 बजे से पठन की शुरुआत की थी। उन्होंने कई रोचक शेरो-शायरी पेश की। जिनमंे- अगर पैदा न होता मसीहा, तो खुशियों का सिलसिला न होता, बेरंग रहती ये जमीं और आसमां का रंग नीला न होता, अरे भारत तो कबका कंगाल हो जाता यारों, यदि बाबासाहब जैसा हीरा मिला न होता। गांधीजी ने नमक बचाया, तिलक ने स्वराज्य बचाया, शुक्रिया करो मेरे भीम का, जिसने संविधान लिखकर पूरे हिंदुस्तान को बचाया। ऐसे कई शेरों ने लोगों की खूब वाहवाही लूटी।

 

शनिवार को दोपहर 2.55 बजे श्री पाटील ने 114 घंटे का काठमांडू के श्री आचार्य का रिकार्ड तोड़ दिया। उन्होंने दोपहर 3.55 को स्वयं द्वारा घोषित 115 घंटे का रिकार्ड बनाकर आगे पांच घंटे और पठन करने का निश्चय किया, जिसे उन्होंने 8.20 बजे पूरा किया। रिकार्ड पूर्ण होते ही तालियों की गड़गड़ाहट से सभागृह गूंज उठा। उत्साह बढ़ाने पहुंचे लोगों का जोश भी चरम पर पहुंच गया था।

 

लोगों की ओर से मिलते प्रतिसाद व आत्मविश्वास के बलबूते उन्होंने आगे का पठन शुरू किया। इस दौरान राकांपा के शहराध्यक्ष अजय पाटील, उत्तर नागपुर राकांपा अध्यक्ष महेंद्र भांगे, पार्षद मनोज सांगोडे, आधार संगठन के संस्थापक अभिषेक शंभरकर, सचिव नागसेन भईसारे, गायक प्रवीण भिवगड़े, राजेश बुरबुरे, बॉबी दहीवाले, राकांपा की सचिव वर्षा श्यामकुले आदि उपस्थित थे। श्री पाटील की हौसला अफजाई करने दिन-भर शुभचिंतकों का तांता लगा रहा।

 

इस दौरान श्री पाटील को सिरदर्द व कमजोरी से दो-चार होना पड़ा। डॉ. प्रणय लांजेवार, डॉ. प्रफुल साखरे, डॉ. विद्यानंद गायकवाड़ एवं उनकी टीम लगातार उनके स्वास्थ्य की जांच करती रही। मां कुसुम पाटील, पिता सुरेश पाटील, पत्नी वैशाली पाटील व भाई नीतिन पाटील ने लगातार मनीष का उत्साह बढ़ाया। 115 घंटे पठन के बाद आगे पठन करने के उनके निर्णय को सराहा। उनके स्वास्थ्य को लेकर परिवारवालों को चिंता व खुशी साथ-साथ हो रही थी। रिकार्ड रचने के बाद परिवार के सदस्य भाव-विभोर हो गए।

 

बाबासाहब को दी आदरांजलि

 

डॉ. बाबासाहब आंबेडकर द्वारा लिखे संविधान व उनके कार्यों के बारे में शहरवासियों को पता चले, इसे ध्यान में रखते हुए मैंने इसका वाचन किया। अपने रिकार्ड में 5 घंटे जोड़ने का कारण बाबासाहब की 120वीं पुण्यतिथि पर 120 घंटे वाचन कर आदरांजलि देना था। उसे मैंने पूरी शिद्दत से पूरा किया, इस बात की मुझे खुशी है।

 

- मनीष पाटील, वाचक

 

नागपुर में अब तक बने रिकार्ड

 

14 अप्रैल 2009 64 घंटे गायन प्रवीण भिवगड़े 11 जुलाई 2010 80 घंटे गायन राजेश बुरबुरे 16 फरवरी 2011 100 घंटे गायन प्रवीण भिवगड़े 17 दिसंबर 2011 118 घंटे पठन मनीष पाटील

 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
आपके विचार

 
 
कोड :
9 + 4

 
 
विज्ञापन
 

बड़ी खबरें

 
 
 
 

रोचक खबरें

 
 
 
 
 
 
 
 
 

बॉलीवुड

 

जीवन मंत्र

 

क्रिकेट

 
 
 
 
 
 
 

बिज़नेस

 
 
 
 
 
 
 

जोक्स

 
 
 
 

पसंदीदा खबरें

 
 
 
 
 
 
 
 
 

फोटोगैलरी

Most Viewed

रेड हॉट
ट्विटर पर जिस्म -2
Just Added

'राउडी राठौर'
Unveiling Victoria's latest collection
 
 
 
विज्ञापन
 
 
| Email  Print Comment
| Email  Print Comment