वाह..वाह..वाह..वाह..अब इग्नू पढ़ाएगा चीनी भाषा
Source: Bhaskar News | Last Updated 07:11(17/01/12)
नागपुर. भारतीय बाजार में चीन ने अपनी पैठ बना कर जिस प्रकार भारतीयों को आकर्षित किया है, उसी प्रकार चीनी भाषा भी यहां के लोगों को आकर्षित कर रही है।
चायनिज बाजार को समझने के लिए चीनी भाषा की जानकारी होना आवश्यक होता जा रहा है। वर्तमान में भारतीय बाजार चीनी उत्पादों से भरे हुए हैं। बाजार को जानने के लिए ऐसे में चायनीज भाषा (मैनडरीन) का ज्ञान रोजगार के अनेक द्वार खोल सकता है।
इसी बात को ध्यान में रखते इंदिरा गांधी कंद्रीय मुक्त विद्यापीठ (इग्नू) में इसी सत्र से चायनीज भाषा में डीपलोमा व सर्टीफिकेट पाठ्यक्रम को सम्मिलित करने का फैसला लिया है। चीनी भाषा का ज्ञान प्राप्त कर लेने से भविष्य में नागपुर के विद्यार्थियों को मिहान में रोजगार के काफी अवसर मिल सकते हैं।
चीन जाने का मिलेगा मौका
चीनी पाठ्यक्रम के तहत विद्यार्थियों को 1000 मूल चायनीज चित्रलिपी, 500 चीनी वाक्य व वाक्यांश को पढ़ाया जाएगा। इसमें 2000 चायनीज शब्दों का भी समावेश होगा। इसी के साथ ही चीन की राजनीतिक, वाणिज्यिक, सांस्कृतिक व सामाजिक गतिविधियों के बारे में भी अवगत कराया जाएगा।
चीनी भाषा व आचार-विचार से अवगत हो जाने पर चायनीज गतिविधियों से विद्यार्थी सीधे तौर पर जुड़ पाएंगे। इससे विद्यार्थियों का आत्मविश्वास बढ़ेगा। इतना ही नहीं इग्नू में चीनी भाषा पढ़नेवाले विद्यार्थियों के अंतिम प्रदर्शन के आधार पर चीन में उन्हें पढ़ने भेजा जा सकता है। साथ ही उन पर होनेवाले संपूर्ण खर्चे पर निर्णय लिया जाएगा। देश में चलने वाले विभिन्न बिजनेज स्कूल भी इस पाठ्यक्रम को नियोजित कर सकते हैं। इसकी परीक्षा, पाठ्यक्रम व अध्ययनवस्तु ऑनलाइन उपलब्ध होंगे।
कब शुरू होगी पढ़ाई?
गौरतलब है कि उपराजधानी में तीन इग्नू के केंद्र हैं, जिसमें वर्तमान में करीब 800 विद्यार्थी शिक्षा ले रहे हैं। यहां अलग-अलग तरह के पाठ्यक्रम पढ़ाए जाते हैं। इग्नू में जापानी व फ्रेंच भाषा का भी समावेश हो चुका है, लेकिन ये अब तक नागपुर केंद्र में नियमित पाठ्यक्रम में शामिल नहीं हो पाए हैं। ऐसे में चीनी भाषा की पढ़ाई कब से शुरू हो पाएगी, यह कहना मुश्किल है।
गुणवत्ता पर विशेष ध्यान
हमारी कोशिश है कि चीनी भाषा को इसी सत्र से नागपुर केंद्रों में पाठ्यक्रम का हिस्स बनाया जाए। प्रमाणपत्र प्राप्त शिक्षकों को ही शिक्षक नियुक्त किया जाएगा। अपने विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए हम कटिबद्घ हैं।
-डॉ. शिवस्वरूप, विभागीय निदेशक, इग्नू