दुष्कर्मियों को मिले फांसी : छेड़छाड़ को गैर-जमानती प्रकरण बनाएगी सरकार

नागपुर. महिलाओं की सुरक्षा को लेकर उठे सवाल पर राज्य के गृहमंत्री आरआर पाटील ने कहा कि दुष्कर्म के आरोपी को फांसी ही होनी चाहिए। राज्य सरकार और मेरी व्यक्तिगत भूमिका दोनों इस पक्ष में है। केंद्र सरकार से भी इसकी सिफारिश की जाएगी।
पाटील ने कहा कि छेड़छाड़ और दुष्कर्म जैसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए कानून में बदलाव की जरूरत है। छेड़छाड़ प्रकरण को गैर-जमानती और उसे अदखलपात्र की बजाय दखल-पात्र प्रकरण की श्रेणी में लाया जाएगा।
इन प्रकरणों में सजा भी बढऩी चाहिए। इसके लिए जल्द ही एक प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा जाएगा। हाल में केंद्र सरकार ने लोकसभा में इस तरह का एक प्रारूप पेश किया है।
जरूरत पड़ी तो और फास्ट ट्रैक कोर्ट
गृहमंत्री पाटील ने कहा कि अगले पांच साल तक राज्य में 100 फास्ट ट्रैक कोर्ट शुरू रहेंगे। एक साल से ज्यादा लंबित मामलों को इस कोर्ट में भेजा जा रहा है। भविष्य में 6 महीने से अधिक लंबित प्रकरणों को फास्ट ट्रैक में लाया जाएगा।
जरूरत पड़ी तो और फास्ट टैक की संख्या बढ़ाई जाएगी। पीडि़त पक्ष जिस वकील की मांग करेगा, उसे उपलब्ध कराया जाएगा। सरकारी वकील से संतुष्ट नहीं होने पर प्राइवेट वकील भी दिया जाएगा।
महिलाओं के लिए सुरक्षित
गृहमंत्री पाटील ने दावा किया कि महाराष्ट्र राज्य और मुंबई महिलाओं के लिए पूरी तरह सुरक्षित है। इस साल 3 प्रतिशत अपराध घटे हैं।
महाराष्ट्र का इस मामले में 18वां नंबर है, वहीं मुंबई महानगरों में 48वें नंबर पर है। गृहविभाग की रिपोर्ट के आधार पर पाटील ने कहा कि सामाजिक नैतिकता घटी है। पिछले साल नवंबर तक दुष्कर्म की घटनाएं इसका खुलासा करती हैं।
98 प्रकरणों में रिश्तेदार, 861 प्रकरण में पहचान वाले, 43 में करीबी पहचान वाले और 310 प्रकरण में पड़ोसी को दोषी पाया गया है। पुलिस का बचाव करते हुए गृहमंत्री ने कहा कि पुलिस दोहरी स्थिति में है।
अगर अच्छे उद्देश्य से पुलिस कोई काम करती है और किरकिरी होती है, तो भी उसे पूरी तरह संरक्षण दिया जाएगा, किन्तु महिलाओं से पूछताछ के नाम पर अपमानजनक बर्ताव किया जाता है तो बख्शा भी नहीं जाएगा। उन्होंने पुलिस विभाग में 30 प्रतिशत तक महिला पुलिस कर्मचारियों को भविष्य में शामिल करने की जानकारी दी।
लगेंगे सीसीटीवी कैमरे : वर्षा
बाल व महिला कल्याण मंत्री वर्षा गायकवाड़ ने बताया कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए छात्रावास में सीसीटीवी कैमरे लगेंगे और निजी सुरक्षा रक्षकों की तैनाती की जाएगी।
राज्य में महिला आयोग के अध्यक्ष की नियुक्ति के लिए मुख्यमंत्री से एक शिष्टमंडल मिला। उन्होंने सरकार से प्रत्येक सरकारी व गैर सरकारी कार्यालय में महिला तकरार निवारण केंद्र शुरू करने का निवेदन किया।
हर कॉलेज में महिलाओं का अलग कक्ष स्थापित करने की मांग की, जिसमें शिकायत पर 15 दिन में निर्णय हो। पीडि़ता को मदद राशि 2 से 3 लाख रुपए करने की जानकारी देते हुए सुश्री गायकवाड़ ने बताया कि इसमें एसिड हमले से ग्रस्त युवतियों को भी शामिल किया जाना चाहिए।
1091 हेल्प लाइन :
महिलाओं के लिए महाराष्ट्र सुरक्षित होने का दावा करते हुए गृहमंत्री ने मुंबई के लिए 103 नंबर हेल्प लाइन और ग्रामीण महाराष्ट्र के लिए 1091 हेल्प लाइन शुरू करने की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि महिलाओं को थाने आने की जरूरत नहीं है वे टोल फ्री नंबर पर फोन कर जानकारी दे सकती हैं। पाटील ने अखबारों में अश्लील और विभत्स चित्रों पर नजर रखने के लिए विशेष सेल बनाए जाने की जानकारी दी।







