प्रदूषण नियंत्रण अभियान तेज : एसटीपी व सीवेज प्लांट निर्माण शुरू
नाशिक. गोदावरी प्रदूषण रोकने के लिए मनपा ने एक वृहद कार्य योजना पर काम करना शुरू कर दिया है। इसके तहत शहरी इलाकों से निकलने वाले ड्रेनेज वाटर को शुद्धीकरण प्रक्रिया केंद्र तक पहुंचाने तथा शुद्धीकरण केंद्र की क्षमता बढ़ाने व कुछ जगहों पर मलवाहिका जोडऩे एवं शुद्धीकरण केंद्र बनाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है।
इस प्रस्ताव को जिलाधिकारी व महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण मंडल के माध्यम से शासन के समक्ष पेश किया गया है। इन कार्यों को आगामी सिंहस्थ कुंभ से जुड़े कार्यों एवं गोदावरी एक्शन प्लान में समाविष्ट किया गया है।
इस संदर्भ में मनपा आयुक्त संजय खंदारे ने मलनिस्सारण विभाग के उपरोक्त कार्यों के संदर्भ में एक पत्र में बताया कि तेजी से विकसित हो रहे नाशिक शहर को देखते हुए मनपा ने शहर में तैयार होने वाले ड्रेनेज वाटर के लिए मध्यवर्ती संकल्पनानुसार विभिन्न जोन के लिए मलजल उठाने व प्रक्रिया, केंद्र तक ले जाने के लिए विभिन्न योजनाओं के तहत मुय टैंक, उप मुय व उप मलवाहिका के माध्यम से 1745 किमी मलवाहिका का नेटवर्क तैयार किया है।
इसके माध्यम से जमा होने वाले ड्रेनेज वाटर को सुधारकर शुद्धीकरणके लिए सात उदंचन केंद्र (सीवेज प्लांट) व 3 एसटीपी प्लांट तैयार किए गए हैं, जिसके माध्यम से 200.50 द.ल. लीटर पानी का शुद्धीकरण किया जा रहा है, जिसे महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण मंडल के मापदंडानुसार प्रक्रिया कर कृषि प्रयोजन के लिए नदी तट में छोड़ा जा रहा है।
इसके अलावा भूमिगत गटर लाइन योजना के दो चरणों में 160 द.ल. लीटर क्षमता का मलनिस्सारण केंद्र बनाए जाने का काम प्रगति पर है। इसके तहत अभी तक तपोवन, चेहेडी व पंचक में निर्मित एसटीपी प्लांट बना, जहां 200.50 द.ल.लीटर पानी का शुद्धीकरण हो रहा है।
इसके अलावा आगरटाकली, पंचक, गंगापुर इलाके में तीन प्लांट तैयार हो रहे हैं, जहां प्रति दिन 160 द.ल. लीटर पानी शुद्धीकरण किया जाएगा।
गोदावरी में भूमि लाइन :
मनपा सीमा क्षेत्र में बहने वाली 19 किमी लंबी गोदावरी नदी के प्रदूषण रोकने के लिए नदी के कुछ इलाकों के दाएं-बाएं तट पर भूमिगत लाइन का काम चल रहा है। इसके अलावा गंगापुर गांव में एसटीपी प्लांट व चिखली नाला के नजदीक सीवेज प्लांट बनाने, आनंदवली नाला से आसाराम बापू पुल तक मुय मलवाहिका डालने, अमृत गार्डन नाला से आने वाले गटर पानी को मुय मलवाहिका की ओर मोडऩे, सातपुर विभाग के नासर्डी नदी के दोनों तट के मुय मलवाहिका का देखभाल करने,
पुराने गंगापुर पंपिंग स्टेशन के नजदीक सीवेज पंपिंग स्टेशन तैयार करने, भद्रकाली में सीवेज पंपिंग स्टेशन तैयार करने, उंटवाडी में सीवेज पंपिंग स्टेशन बांधने, नासर्डी नदी के दाएं ओर खुटवडनगर की ओर मलवाहिका डालने, नवीन नाशिक विभाग के मुय मलवाहिका की देखभाल करने, नवीन नाशिक स्थित वालदेवी नदी तट मलवाहिका की देखभाल करने, आगरटाकली में 110 द.ल.लीटर क्षमता का एसटीपी प्लांट बांधने,
पिंपलगांव व पंचक में एसटीपी प्लांट व सीवेज प्लांट तैयार करने, वालदेवी नदी के सुंदरनगर, गांधीधाम, मातंगवाड़ा तथा आंबेडकरनगर, फुलेनगर के सीवेज वाटर के लिए मलवाहिका डालने, वडनेर गांव के वालदेवी तट पर मुय मलवाहिका डालने, पंचवटी विभाग के तीन नालों से गोदावरी के बाएं ओर बहने वाले गंदे पानी की दिशा बदलने, वाघाडी नदी तट स्थित भिकुसा पेपर मिल से हसरूल गांव तक मुय मलवाहिका डालने आदि के कार्य किए जाएंगे।






