पोर्न वेबसाइट्स से जरिये रची गई थी सबसे बड़े हमले की साजिश

मुंबई। मुंबई हमले की साजिश में शामिल जबीउद्दीन अंसारी उर्फ अबू जुंदाल अपने साथियों को पोर्न वेबसाइट्स के जरिए संदेश भेजा करता था।
उनसे बातचीत को सुरक्षा एजेंसियों की पकड़ से दूर रखने के लिए वह ऐसी एहतियात बरतता था। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि जुंदाल औरंगाबाद के एक साइबर कैफे से अपने साथियों से इस तरह की वेबसाइट्स से चैट करता था।
पुलिस सूत्रों ने कहा कि मई 2006 में औरंगाबाद से एके-47 राइफलें, मैग्जीन, हथगोले और आरडीएक्स बरामद होने से पहले तक माड्यूल के सभी सदस्य पोर्न वेबसाइट से चैट कर एक दूसरे को सूचनाएं देते थे।
पोर्न वेबसाइट्स क्यों
अधिकारी के मुताबिक आमतौर पर पुलिस और खुफिया एजेंसियां सोशल साइट्स और जानी मानी चैटिंग साइट्स पर नजर रखती हैं। लेकिन पोर्न वेबसाइट्स निगरानी में कभी-कभार ही आती हैं। ये वेबसाइट्स दावा करती हैं कि उनकी प्रीमियम सर्विस लेकर कोई व्यक्ति लड़कियों से वीडियो, वॉयस कॉलिंग कर चैट कर सकता है।
कोई अपना ग्रुप बना सकता है जिसमें अपने दोस्तों को चैट के लिए न्यौता दे सकता है। इसमें ग्राहकों को पूरी गोपनीयता का भी भरोसा दिलाया जाता है। जुंदाल का संदेश, ‘धंधे का उद्घाटन हो गया है, 25 को दावत कर दी है।’
कोड भाषा में यह ईमेल जुंदाल ने 19 फरवरी 2006 को पाकिस्तान में अपने आकाओं को भेजा था। इस दिन अहमदाबाद रेलवे स्टेशन पर कर्नावती एक्सप्रेस में ब्लास्ट हुआ था।
इस हादसे में 25 लोग हो गए थे। जुंदाल के साथी मोहम्मद अकीब शेख के याहू मेल के आईडी से 26 फरवरी को औरंगाबाद के साइबर कैफे से यह मेल किया गया था।
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