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राजनैतिक रूप से सक्रिय रामदेव ने कहा, नेता नहीं, नीतियों में हो बदलाव

bhaskar news | Jul 17, 2012, 07:18AM IST
 
 

नागपुर. योगगुरु बाबा रामदेव ने सक्रिय राजनीति में शामिल होने का संकेत देते हुए कहा कि नेता बदलने से देश का चरित्र नहीं बदलेगा। नीतियों में बदलाव जरूरी है। समय रहते केंद्रीय सत्ता में अपेक्षानुरूप बदलाव कर लिया जाना चाहिए।


9 अगस्त से दिल्ली में शुरू हो रहा जनांदोलन सत्ता व समाज परिवर्तन के लिए निर्णायक होगा। यह आंदोलन सत्ता परिवर्तन के लिए आम जनता में चरित्र निर्माण को बल देने वाला होगा। राजनीतिक भूमिका पर सीधा जवाब देने से बचते हुए योगगुरु ने कहा कि उनके द्वारा संकेतों में कही जा रही बात के भावार्थ को समझा जाना चाहिए।


आंदोलन सही दिशा में

बाबा रामदेव सोमवार को तिलक पत्रकार भवन में पत्र परिषद को संबोधित कर रहे थे। इससे पहले उन्होंने 18 जिलों से आए प्रतिनिधियों को दिल्ली के आंदोलन की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मंगलवार को पुणो में वे समाजसेवी अण्णा हजारे के साथ संयुक्त पत्र परिषद लेकर जनांदोलन के अगले कदमों की जानकारी देंगे।


विकेंद्रित विकासवाद व आध्यात्मिक समाजवाद पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि उनका आंदोलन इसी दिशा में काम कर रहा है। केंद्रीय सत्ता में नेतृत्व बदलने व कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी का नेतृत्व उभारने संबंधी राजनीतिक संकेतों पर योगगुरु ने कहा कि प्रधानमंत्री या नेता बदलने से देश का चरित्र नहीं बदलेगा। सत्ता के साथ ही व्यवस्था में बदलाव जरूरी है।

सर्वागीण विकास के लिए आरक्षण पर्याप्त नहीं

योगगुरु ने कहा कि काला धन वापस लाने व भ्रष्टाचार नियंत्रण के संबंध में प्रधानमंत्री के अलावा राहुल गांधी व प्रियंका गांधी से बात की गई थी। उन्होंने सभी मुद्दों को उचित ठहराया, लेकिन समस्या यथावत रही। अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा को लिखे गए पत्र के जवाब के संदर्भ में उन्होंने कहा कि श्री ओबामा भारतीय अर्थव्यवस्था में सुधार के लिए एफडीए को जरूरी मानते हैं।

वे बड़ी कंपनियों के पैरोकार हैं, जबकि यथार्थ यह है कि भारतीय अर्थव्यवस्थ विदेशी पूंजी से सक्षम नहीं होगी। इंडिया अगेंस्ट करप्शन के अरविंद केजरीवाल व अण्णा हजारे से किसी भी तरह का मतभेद होने से इंकार करते हुए योगगुरु ने कहा कि सभी हमराही हैं। साथ साथ आगे बढ़ेंगे। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि सर्वागीण विकास के लिए आरक्षण पर्याप्त नहीं है। वे आरक्षण विरोधी नहीं हैं, उनका मानना है कि अन्य पिछड़ों की तरह ही सवर्णीय पिछड़ों को भी आरक्षण मिलना चाहिये।


भ्रष्टाचार पर बाबा के 5 सुझाव


भ्रष्टाचार पर अंकुश के लिए 5 सूत्रीय उपाय सुझाते हुए योगगुरु बाबा रामदेव ने कहा कि सीबीआई, सीवीसी, कैग, चुनाव आयोग व जनलोकपाल को निष्पक्ष नेतृत्व देकर देश में 90 प्रतिशत भ्रष्टाचार पर नियंत्रण किया जा सकता है।

मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को कैंसर होने संबंधी बयान पर योगगुरु रामदेव बाबा ने कहा कि उन्होंने कभी ऐसा कुछ कहा ही नहीं। उन्होंने कहा कि दिग्विजय के परिजन को कैंसर होने पर उन्होंने अपनी कामना प्रकट की थी। वे उन परिजन के शीघ्र स्वस्थ होने की अभी भी कामना कर रहे हैं। सभी का मंगल हो। रविवार को रामदेव बाबा छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में थे। वहां उन्होंने प्रेस से मिलिए कार्यक्रम में कहा था कि दिग्विजय सिंह के परिजन को उनके पाप की सजा मिल रही है। कैंसर हुआ है।

दिग्विजय सिंह को भी कैंसर हो सकता है। सोमवार को योगगुरु नागपुर में पत्रकारों से मुखातिब हुए। दिग्विजय को कैंसर संबंधी प्रश्न पर पलटी मारते हुए उन्होंने कहा कि किसी को कैंसर होने की कामना वे नहीं करते। रामदेव बाबा ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह के एक बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि पुत्र के चरित्र के लिए माता-पिता या सरकार को पूरी तरह से जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। श्री सिंह ने कहा था कि ‘पुत्र गलती करे, तो पिता की पिटाई की जानी चाहिये। पुत्र में पिता के गुणसूत्र होते हैं’। योगगुरु ने कहा कि बच्चों का चरित्र परिवर्तन सामाजिक जिम्मेदारी है।
 
 
 

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