संजय गांधी निराधार योजना : 4325 अपात्रों ने डकारे 1.60 करोड़

वर्धा. केंद्र सरकार व राज्य सरकार द्वारा वृध्द, विकलांग, विधवा व बेसहारा वर्ग को जीवनयापन के लिए प्रति माह आर्थिक मदद की कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही है।
वर्धा जिले के 8 तहसीलों के 9 समितियों के शासकीय व अशासकीय सदस्यों ने करीब 4 हजार 325 अपात्र लाभार्थियों को 1 करोड़ 60 लाख 62 हजार 196 रुपए बांट दिए।
इन समितियों द्वारा मंजूर लाभार्थियों की फौजदारी याचिका क्र. १७२/२००२ के तहत सूक्ष्म जांच-पड़ताल करने पर अपात्र लाभार्थियों का फर्जीवाड़ा सामने आया और अब जिला प्रशासन द्वारा अपात्र लाभार्थियों से मदद राशि वसूलने के लिए नोटिस दी जा रही है।
जिला प्रशासन की ओर से भारतीय दंड संहिता के तहत २९० लाभार्थियों ३२ नायब तहसील व १६५ पटवारियों को नोटिस भेजा गया है। केंद्र सरकार व राज्य सरकार गरीब वर्ग के लिए चला रही योजनाओं का लाभ जरूरतमंदों तक पहुंचाने की बजाए अपात्र लाभार्थियों को शासकीय योजना का लाभ पहुंचाकर शासन की तिजोरी को चूना लगाया।
संजय गांधी निराधार योजना के तहत वर्धा जिले में ९ समितियों में वर्धा शहर समिति, वर्धा ग्रामीण समिति सेलू तहसील समिति, देवली तहसील समिति, हिंगणघाट तहसील समिति, समुद्रपुर तहसील समिति, आर्वी तहसील समिति, आष्टी शहीद तहसील समिति, कारंजा घाडगे तहसील समिति है।
इन ९ तहसील स्तरीय समितियों ने संजय गांधी निराधार योजना के तहत ७८४ अपात्र लाभार्थियों को ४० लाख २५ हजार २३९ रुपए, इंदिरा गांधी योजना के तहत १ हजार ७२० अपात्र लाभार्थियों को ९१ लाख २४ हजार ४५७ रुपए तथा वृध्दावस्था योजना के १ हजार ८२१ अपात्र लाभार्थियों को २९ लाख १२ हजार ५०० रुपए बांट दिए।
सूक्ष्म जांच के दौरान अपात्र लाभार्थियों से रुपए वापसी के दौरान सिर्फ १ लाख १२ हजार २७६ रुपए वसूल हो पाए, जिसमें संजय गांधी योजना के अपात्र लाभार्थियों से ६३ हजार ८२५ रुपए, इंदिरा गांधी योजना के अपात्र लाभार्थियों से ३६ हजार ३९५ रुपए, वृध्दावस्था योजना के अपात्र लाभार्थियों से १२ हजार ५६ रुपए वसूल हो पाए हैं।






