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ख़त्म हुआ तनाव: शिवाजी पार्क से हटा बाल ठाकरे का चबूतरा

Bhaskar News | Dec 19, 2012, 03:32AM IST
ख़त्म हुआ तनाव: शिवाजी पार्क से हटा बाल ठाकरे का चबूतरा

मुंबई. आखिर शिवसेना ने शिवाजी पार्क से बाल ठाकरे का अस्थायी चबूतरा हटा दिया है। ठाकरे के निधन के एक माह बाद पार्टी ने खुद चबूतरा हटाने का निर्णय किया और मंगलवार की भोर में अंत्येष्टि स्थल पूरी तरह से साफ कर दिया गया। इससे पहले सोमवार को चबूतरा हटाने के मुद्दे पर शिवसेना आक्रामक हो गई थी। 


 


पार्टी नेता सदा सरवणकर ने साफ किया था कि जब तक मुंबई मनपा प्रशासन समाधि के लिए जगह नहीं देता, चबूतरा अपनी जगह रहेगा। पर अचानक सोमवार की रात शिवसेना ने अपनी भूमिका बदल ली। 


 


मंगलवार तड़के करीब ढाई बजे शिवसैनिकों ने खुद ही चबूतरा हटाना शुरू कर दिया। सुबह होते-होते ठाकरे के अंत्येष्टि स्थल पर बना पंडाल और चबूतरा पूरी तरह से साफ कर दिया गया। 


 


ठाकरे के निधन को एक माह पूरा होने के मौके पर सोमवार को दिन भर चबूतरे के दर्शन के लिए शिवसैनिकों का तांता लगा रहा। सोमवार रात 9 बजे से बड़ी संख्या में उपस्थित कार्यकर्ताओं ने चबूतरे के पास तुलजा भवानी की पूजा अर्चना की।


 


रात दस बजे मुंबई के कार्यकर्ताओं को चबूतरे के पास इकट्ठा होने का फरमान जारी किया गया। रात साढ़े ग्यारह बजे पुलिस वालों की संख्या मैदान में बढऩे लगी और पार्टी कार्यकर्ताओं की ओर से लाए गए मजदूर मैदान में दाखिल हुए।



 
पुलिस और शिवसैनिकों में तनातनी :



चबूतरा हटाते समय सुभाष देसाई, सदा सरवणकर और पार्टी के कई नेता मौजूद थे। चबूतरा हटाने के बाद शिवसैनिकों ने छत्रपति शिवाजी महाराज के पुतले के पास ठाकरे की समाधि बनाने की कोशिश की।


 


साढ़े तीन बजे हरे कार्पेट पर ठाकरे का अस्थिकलश, चबूतरे की ईंट और उनकी तस्वीर स्थापित करने की कोशिश हुई। इस वजह से सुबह 4 बजे शिवसैनिकों व पुलिस में तनाव हो गया।



सूत्रों के अनुसार छत्रपति शिवाजी महाराज के पुतले के पास महानगर पालिका का एक कंटेनर खड़ा था। कार्यकर्ता उसे हटाने लगे।


 


कंटेनर हटाने के लिए क्रेन भी मंगाई गई। वहां मौजूद पुलिसवालों नेे शिवसैनिकों को रोका। जिससे पुलिस और शिवसैनिकों के बीच विवाद हो गया।


 


शिवसैनिकों की अधिक संख्या होने के कारण दंगा फैलने की संभावना बन गई। फौरन पुलिस की अतिरिक्त टुकडिय़ां मंगाई गईं।


 


एसआरपी की टुकड़ी भी मैदान में दाखिल हो गई। सरवणकर और पुलिस उपायुक्त धनंजय कुलकर्णी के बीच कहासुनी भी हुई। पार्टी नेताओं ने गुस्साए शिवसैनिकों को समझा-बुझाकर शांत कराया।


 


आखिर शिवसैनिक सुबह साढ़े पांच बजे शिवाजी पार्क से बाहर निकल गए। सुबह साढ़े 6 बजे तक मैदान पूरी तरह खाली हो गया और पुलिस बल भी हटा दिया गया।



इस तरह हटाया चबूतरा :



रात बारह बजे से मजदूरों ने चबूतरे और पंडाल को घेरने के लिए टीन के पतरे बांधने की शुरूआत की ताकि वीडियो या फोटो न निकाले जा सकें। इस काम को रात दो बजे तक पूरा कर लिया गया।


 


रात ढाई बजे महापौर सुनील प्रभु और स्थाई समिति के अध्यक्ष राहुल शेवाले चबूतरे के पास पहुंचे। उसी समय गैस कटर की गाड़ी पंडाल में भेजी गई और अंत्येष्टि स्थल पर लगी लोहे की छड़ें काटने की शुरुआत हुई। 


 


दो बजकर 52 मिनट पर जेसीबी की सहायता से चबूतरा ढहा दिया गया। तीन बजकर 20 मिनट पर सामान ट्रक में लादकर वर्सोवा समुद्र में विसर्जन के लिए भेजा गया।

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