ठंड ने 62 वर्षों का रिकार्ड तोड़ा : तापमान सामान्य से 7 डिग्री नीचे

नागपुर. उपराजधानी में बुधवार की रात ठंड ने 62 वर्षों का रिकार्ड तोड़ दिया। न्यूनतम तापमान सामान्य से 7 डिग्री नीचे 5.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
वर्ष 1951 में 2 जनवरी की रात ठंड ने 4.4 डिग्री के स्तर को छुआ था। सुनसान रास्ते, हाड़ कंपाने वाली ठंड। लोग घरों के अंदर दुबके रहे। चुभती हवाओं ने जनजीवन को बड़े स्तर पर प्रभावित किया। लोग अपने काम पर देर-सवेर ही निकल पा रहे हैं।
मौसम जानकारों के अनुसार, निचले स्तर से ऊपरी स्तर तक हवा का बहाव उत्तरीय होने के कारण के कारण बर्फीली हवाएं उपराजधानी की ओर आ रहीं हैं। ऊपरी स्तर पर तापमान के कम होने और हवा में ठंडक घुली होने से नमी जम गई है। इससे दिन का तापमान भी नीचे बना हुआ है। सूर्य की किरणों के सीधे नीचे तक नहीं पहुंचने के कारण भी हवाओं में समाई ठंडक घट नहीं पा रही है।
इस कारण भी ठंड का प्रकोप प्रबल हो रहा है। बुधवार को अधिकतम तापमान सामान्य पर 27.7 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। मौसम विभाग के अनुसार बुधवार को दर्ज तापमान ने जनवरी माह में सबसे कम तापमान का 62 वर्षों का रिकार्ड तोड़ा है। यह तापमान इस सत्र का सबसे कम तापमान भी है।
कब कब हुआ पारा नीचे :
अब तक का सबसे कम तापमान 7 जनवरी 1937 को 3.9 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया था। 1951 में 4.4 डिग्री तथा 1934 में पारे ने 5.5 डिग्री सेल्सियस का स्तर छुआ था। इसके बाद 6 डिग्री से कम तापमान केवल 1968 में 5.9 डिग्री हुआ था, उसके बाद बुधवार को तापमान एक बार फिर 6 डिग्री के नीचे उतर कर 5.6 डिग्री पर आया है।
क्या है अनुमान :
मौसम जानकारों के अनुुुसार, ऐसा लगता है कि बुधवार को ठंड ने इस माह और सत्र का सबसे कम स्तर छू लिया है। ठंड भले ही अभी कम नहीं हुई है किंतु अब इस स्तर के नीचे पारे के जाने के आसार नहीं लग रहे हैं। अनुमान है कि 12 जनवरी तक तापमान में ज्यादा फेर-बदल नजर नहीं आएगा।
इसके बाद हवा की गति घटने से ठंड की अनुभूति घटने लगेगी। 14 जनवरी के बाद न्यूनतम तापमान में धीरे-धीरे वृद्घि की संभावना है। इसके साथ ही अधिकतम तापमान भी ऊपर की ओर सरकने लगेगा।







