आज से शुरू होगी बाघों की गणना
Source: Dainik Bhaskar News | Last Updated 03:17(10/02/12)
वर्धा. शासन के वाघ्र गणना अभियान के तहत वर्धा जिले में बाघो की गिनती शुक्रवार से शुरू हो रहीं है। वर्धा जिले के हिंगणी वन परिक्षेत्र वाईड लाईफ क्षेत्र तथा कारंजा घाडगे वन परिक्षेत्र में १क् फरवरी से 18 फरवरी तक बाघो की गणना की जाएंगी। बाघ गिनती अभियान में इन दो वनपरिक्षेत्र में बाघो के पैरो के निशान तथा अन्य तकनीकी के सहारे बाघ की गणना कर वनविभाग शासन की ओर से रिपोर्ट भेजेंगा।
बाघ गणना अभियान में हिंगणी वनपरिक्षेत्र व कारंजा घाडगे वनपरिक्षेत्र में गत तीन वर्षो में बाघो की संख्या बढ़ने का अनुमान है। सेलू तहसील के हिंगणी, धानोली, सुसुंद्र, मरगसुर, नवरगांव सहित अन्य गांवो में बाघो की गणना का काम होने वाला है।
जिले में 10 से 19 फरवरी के दौरान बाघो की गणना होने जा रही है। लेकिन काफी महत्वपूर्ण ऐसे इस काम के विषय में वनविभाग के अधिकारी द्वारा सही ढंग से जानकारी नहीं दी जा रही है। यह गणना किस तरह से होगी , इस कार्य में कितने कर्मचारी शामिल होंगे, कॅमेरे का नियोजन किस तरह होगा इस विषय में कोई भी स्पष्ट जानकारी देने के लिए अधिकारी तैयार नही है।
पूर्वनियोजित कार्यक्रम के तहत १ फरवरी से ही बाघो की गणना शुरू होनेवाली थी। लेकिन वनविभाग द्वारा उसके लिए तैयारी न होने से यह कार्यक्रम 10 फरवरी से शुरू किया जा रहा है। दो महत्वपूर्ण जंगल का हिस्सा जिले में नए कार्यक्रम के तहत वन अधिकारियों द्वारा इस महत्वपूर्ण गणना की पूर्ण तैयारी नही की गयी है।
इस गणना के विषय में अधिकारी द्वारा जानकारी देने में आनाकानी की जा रही है या यह उनकी उदासीनता है, ऐसा सवाल निर्माण हो गया है।बोर वनपरिक्षेत्र को बाघ प्रकल्प का दर्जा देने की प्रक्रिया जारी की गयी की है। जिस वजह से इस जंगल में कितने बाघ है इस की जानकारी शासन को प्रस्तुत करना आवश्यक है।
स्थानीय बाघो की शिकार कम होने की आशंका को भी नकारा नही जा सकता। जिस वजह से 10 फरवरी से शुरू हो रहे बाघो की गणना के विषय में वनविभाग गुमराह किए जाने की आशंका व्यक्त की जा रही है। पूर्व बाघो की पंजो से गणना की जाती थी। लेकिन दो वर्ष से राज्य में बाघो की गणना नही की गयी है। वनअधिकारी बोलने के लिए तैयार नही है।