टोल वसूली के खिलाफ हाईकोर्ट जाएगी मनसे
मुंबई. टोल वसूली के खिलाफ अब महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना ने बांबे हाईकोर्ट में गुहार लगाने का फैसला किया है।
पार्टी जल्द कोर्ट में जनहित याचिका दायर करेगी जिसमें राज्य के सभी टोल नाकों पर हुए पथकर वसूली घोटालों की जांच कराने की मांग की जाएगी।
विधानसभा में पार्टी विधायक दल के नेता बाला नांदगांवकर ने यह जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि टोल नाकों पर चल रही लूट के खिलाफ पार्टी ने कोर्ट मेें जाने का फैसला किया है।
नांदगांवकर के मुताबिक पथकर वसूली में धांधली जारी है। उन्होंने इसके लिए लोक निर्माणकार्य मंत्री छगन भुजबल को जिम्मेदार ठहराया है।
नांदगांवकर के अनुसार टोल नाकों के ठेके लंबे समय से चुनिंदा ठेकेदारों को दिए जाते रहे हैं। कई टोल नाकों पर लंबे समय से पथकर वसूली हो रही है।
परंतु सड़क निर्माणकार्य खर्च वसूल नहीं हो चुका है। नांदगांवकर के अनुसार ठेकेदारों द्वारा बड़े पैमाने पर घोटाले किए गए हैं।
नांदगांवकर ने कहा कि सभी टोल नाकों की जांच कराई जाए और दोषियों को कठोर से कठोर सजा मिले। उन्होंने कहा कि जिन टोल नाकों की वसूली पूरी हो चुकी है। उन्हें तत्काल बंद किया जाए।
भाजपा-शिवसेना गठबंधन की सरकार (1995 से 1999) में राज्य में पथकर वसूली पद्धति पर अमल किया गया था। सड़कों के निर्माणकार्य पर हुए खर्च की वसूली करने के लिए राज्य में जगह-जगह टोल नाकेलगाए गए।
आरोप है कि पिछले कई सालों से पथकर वसूली में धांधली हो रही है। टोल नाकों से गुजरनेवाले वाहनों का न तो कोई लेखा-जोखा होता है और नहीं वसूल किए गए पथकर का हिसाब रखा जाता है।
पार्टी का आरोप है कि राहगीरों से टोल कर्मचारी दादागिरी करते हैं और जबरन वसूली भी की जाती है। पार्टी अध्यक्ष राज ठाकरे के आदेश पर पार्टी ने टोलनाकों के खिलाफ आंदोलन किया था।
जनता से अपील की गई थी, जब तक राज्य सरकार टोल वसूली का हिसाब नहीं दे देती, वे पथकर न भरें। मांग की गई थी कि राज्य के सभी टोल नाकों फर सूचना फलक लगाए जाएं।
उस पर ठेकेदार का नाम, ठेके की तारीख और वसूली का संपूर्ण विवरण लिखा जाए। हाल में मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने साफ किया था कि जिन टोल नाकों की वसूली पूरी हो चुकी है, उन टोल नाकों को बंद किया जाएगा।






