व्यापारी की हत्या: आरोपी के वाहन जलाए, तोडफ़ोड़

नागपुर. गंजीपेठ क्षेत्र में व्यापारी की हत्या से तनाव का माहौल रहा। लोगों ने आरोपियों के वाहनों को आग के हवाले कर दिया।
स्थिति नियंत्रित करने पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया। विवादित संपत्ति के कब्जे को लेकर हुई इस घटना में सुपारी दिए जाने का संदेह है। घटना के आरोपी दो भाईयों ने आत्मसमर्पण कर दिया है। सक्करदरा पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की है।
शरीर पर 19 घाव
मृतक नौशाद आलम खान (42)गंजीपेठ निवासी था। उसका जुना जेलखाना रोड पर रायल नाम से गैरेज व हसनबाग क्षेत्र में ट्रांसपोर्ट का दफ्तर है।
शनिवार को वह अपने साझेदार एंव मित्र शहागाजी उर्फ केसर अहमद खान (52) के साथ गया हुआ था। उनका एक और मित्र वहां आने वाला था।
दोनों उमरेड रोड स्थित शीतला माता मंदिर के पास अपना दोपहिया वाहन खड़ा कर उसका इंतजार कर रहे थे। इस बीच, घातक शस्त्रों से लैस जाकीर बक्श (35) महेंद्र नगर ने अपने छोटे भाई आरिफ (25) गंजीपेठ निवासी की मदद से हमला बोल दिया।
बीच बचाव करने पर आरोपी केसर की तरफ लपके, मगर वह जान बचाकर एक गली में छिप गया। वहीं से उसने पुलिस को फोन कर घटना की जानकारी दी। पुलिस जब तक मौके पर पहुंचती तब तक बहुत देर हो गई थी। नौशाद सड़क पर पड़ा था। उसके शरीर पर 19 घाव थे और पत्थर से सिर कुचला हुआ था।
उसे मेडिकल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। रविवार की शाम तगड़े बंदोबस्त के बीच नौशाद का अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान क्षेत्र की दुकानें बंद रही। वह पांच भाईयों में सबसे बड़ा था। उसे पुत्र सलमान व एक पुत्री है, जो अध्ययनरत हैं।
खबर मिलते ही भड़के लोग
बस्ती में घटना की खबर लगते ही भारी संख्या में लोग सड़क पर उतर आए। देर रात उन्होंने तोडफ़ोड़ कर आरोपी की ओमनी कार व मोटरसाइकिल को आग लगा दी।
वे आरोपी के मकान को भी आग लगाने की फिराक में थे। इस बीच बिगड़ते हालात की जानकारी किसी ने फोन कर पुलिस को दी। गंभीरता को भांप दंगा निरोधक दस्ता व अतिरिक्त पुलिस बल मौके पर भेजा गया। स्थिति को नियंत्रित करने पुलिस ने बल प्रयोग किया।
सुपारी देने का संदेह
घटना को जिस तरह से अंजाम दिया गया है, उससे सुपारी दिए जाने का संदेह है। विवादित जगह पर नौशाद का गैरेज है। सामने ही आरोपियों का दफ्तर है, जहां वाहन खरीदे और बेचे जाते हैं। बताया जाता है कि करोड़ों रुपए की इस जगह पर आरोपियों की बरसों से नजर थी। उन्होंने नौशाद से गैरेज हटाने के लिए भी कहा था। नहीं मानने के कारण कई बार विवाद भी हुए।
गत 31 दिसंबर की रात भी यही स्थिति बन आई थी। हालांकि उस वक्त विवाद का कारण वाहन का कांच फूटना बना था। कहा जा रहा है कि विवादित जगह के समझौते के लिए नौशाद को बुलाया गया था। इसमें और भी लोगों की लिप्तता का संदेह है।
जान बचाने समर्पण
वाहनों को जलाए जाने की भनक लगते ही आरोपियों को जान का डर सताने लगा था। मामला बस्ती का होने से स्थिति और ज्यादा बिगडऩे की आशंका थी। लिहाजा देर रात दोनों भाईयों ने आत्मसमर्पण कर दिया है। आरोपियों का पूर्व में अपराधिक रिकार्ड रहा है। वर्ष 2010 में उन्होंने पांचपावली क्षेत्र में किसी व्यक्ति की हत्या की थी। अन्य घटनाओं में भी उन पर आरोप लगते रहे हैं।









