बेटा भूला रिश्ते की मर्यादा, न्याय ने दी हत्यारे को सजा!

नागपुर, पिता के हत्यारे को दी गई उम्रकैद की सजा को बरकरार रखते हुए नागपुर हाईकोर्ट ने आरोपी पुत्र सुभाष खडसे की अपील को खारिज कर दिया है।
न्यायमूर्ति प्रताप हरदास व ए.पी. भंगाले की संयुक्तपीठ ने मंगलवार को अपना फैसला सुनाते हुए आरोपी पुत्र की अपील खारिज की।
अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी करते हुए शासकीय अधिवक्ता राजेश नायक ने अदालत को बताया मृतक अवधूत खड़से आरोपी सुभाष खड़से के पिता थे। पुलिस द्वारा दर्ज की गई प्राथमिकी के अनुसार आरोपी के पिता ने 2006 के पूर्व आरोपी के नाम साढ़े तीन एकड़ खेती कर दी थी एवं साढ़े सात एकड़ खेती खुद के और पत्नी के नाम रखी थी।
2006 के दौरान आरोपी ने उसके नाम की साढ़े तीन एकड़ खेती की जमीन बेच दी एवं मिले पैसों से एक कार खरीदी थी। कार खरीदने को एक वर्ष बीत जाने के बावजूद कभी आरोपी ने वह कार अपने पिता को दिखाने के लिए गांव नहीं ले गया था। जिसके चलते पिता और आरोपी के बीच में विवाद हुआ।
पिता ने आरोपी को अपने खेत में आने से मना कर दिया था। इससे क्रोधित होकर 15 अगस्त 2007 को आरोपी ने कुल्हाड़ी से वार करके पिता की हत्या कर दी थी। यवतमाल जिला अदालत ने प्रकरण की सुनवाई कर आरोपी को उम्रकैद की सजा सुनाई थी, जिसे चुनौती देते हुए आरोपी ने अपील दायर की थी।






