अल्पसंख्यक विभाग के प्रस्ताव पर मंत्रिमंडल में हंगामा
नागपुर. अल्पसंख्यक बहुल गांवों में बुनियादी सुविधाओं के लिए अनुदान देने के प्रस्ताव पर गुरुवार को मंत्रिमंडल की बैठक में हंगामा हो गया।
अल्पसंख्यक विभाग की तरफ से पेश इस प्रस्ताव पर तीखी बहस के दौरान अल्पसंख्यक मंत्री आरिफ नसीम खान, श्रम मंत्री हसन मुश्रीफ और स्कूली शिक्षा राज्यमंत्री फौजिया खान एक तरफ तो बाकी सारे मंत्री दूसरी तरफ थे।
आखिर प्रस्ताव को टाल दिया गया। अल्पसंख्यक बहुल गांवों में बुनियादी सुविधाएं प्रदान करने अल्पसंख्यक विकास विभाग ने एक प्रस्ताव तैयार किया है। इसमें कम से कम दस फीसदी अल्पसंख्यक आबादी वाले गांवों को योजना के लिए पात्र बताया गया है।
इसमें 5000 की अल्पसंख्यकों आबादी वाले गांव को अधिकतम दस लाख रुपए देने का प्रावधान है। लेकिन प्रस्ताव में एक शर्त यह भी रखी गई कि अगर गांव में कम से कम दस फीसदी अल्पसंख्यक आबादी है, तो उसमें न्यूनतम पांच फीसदी मुस्लिम समाज के लोग होना जरूरी हैं। इस पर कई मंत्रियों ने आपत्ति जताई।
सूत्र बताते हैं कि मंत्रियों की आपत्ति से खान और मुश्रीफ नाराज हो गए। उन्होंने आरोप लगाया कि आप मुसलमानों के लिए कुछ करना ही नहीं चाहते।
इस पर बाकी मंत्री भी भड़क उठे। मुख्यमंत्री ने भी हस्तक्षेप करते हुए पांच फीसदी मुस्लिम आबादी की सख्ती को गलत बताया।
अंत में प्रस्ताव को अगली बैठक तक के लिए टाल दिया गया। अल्पसंख्यक विभाग को निर्देश दिए गए कि वह प्रस्ताव को दुरुस्त कर उसे दोबारा मंत्रिमंडल के समक्ष पेश करे।








