मुंबई।विलासराव देशमुख 8 साल तक महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री रहे थे। उनकी राजनीतिक पारी बतौर सरपंच शुरू हुई थी। 1974 में वह बाभलगांव के सरपंच बने थे। उसके बाद पंचायत समिति के सभापति, फिर जिला परिषद के अध्यक्ष बने। उन दिनों विलासराव युवक कांग्रेस के सक्रिय कार्यकर्ता थे।
1980 में शिवराज पाटील लोकसभा के लिए निर्वाचित हुए, तब विलासराव को राज्य स्तर की राजनीति में मौका मिला। पाटील की जगह देशमुख को कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव में उम्मीवार बनाया। उसके बाद से देशमुख ने कभी पीछे मुड़ कर नहीं देखा।