भोपाल। वह संन्यास की नई अवधारणा लेकर लोगों के सामने आया, जिसे उच्च मध्यम वर्ग के लोगों ने हाथोंहाथ लिया। उसके अकाट्य तर्क और पाखंड को हिलाने वाले भाषणों की गूंज पूरी दुनिया में फैल गई।
सेक्स और आध्यात्म का अनूठा संगम दुनिया के लोगों को इतना भाया कि पुणे में उनके यहां इतनी भीड़ उमड़ती आम पुणेवासी बहुत परेशान थे। यह ऐसी भीड़ थी, जो वर्जनाओं को तोड़ जीने के लिए इस सेक्सगुरु की शरण में आती थी। पुणे के इस आध्यात्म की शॉप में नशा, सेक्स जैसी अवांछित गतिविधियों को लेकर प्रशासन दंडात्मक कार्रवाई के लिए दबाव बना रहा था।
बढ़ते तनाव और विरोध को देखते हुए ओशो और उनकी शिष्या शीला ने तय किया कि अब नया कम्यून अमेरिका में बनाया जाए और वहीं से अपने नए आध्यात्मिक दर्शन और जीवन शैली का प्रचार किया जाए। यहीं पहुंचकर वह दुनिया में सर्वाधिक महंगी और सबसे अधिक कारें रखने वाले संन्यासी के रूप में सामने आए।
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