भोपाल.ओरछा ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश में शराब की बिक्री पर रोक लगनी चाहिए। राज्य सरकार को गुजरात की तरह यहां भी शराब पर प्रतिबंध लगाकर आदर्श स्थापित करना चाहिए। ये बात जंगल वाले बाबा के नाम से विख्यात जैन मुनि चिन्मय सागर महाराज ने पद विहार करते हुए भास्कर से विशेष बातचीत में कही। वे करीब साढ़े तीन सौ किलोमीटर की यात्रा तय कर शनिवार दोपहर राजधानी पहुंचे।
भ्रष्टाचार के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि इसे लेकर केंद्र सरकार और अन्ना हजारे जिद पर अड़े हैं। इससे सिर्फ समय की बर्बादी हो रही है। भ्रष्टाचार का खात्मा नैतिक मूल्यों को बचाए रखने पर ही संभव है, किसी कानून या नियम को बनाने से नहीं।
एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि अन्ना हजारे अपनी जिद्दी प्रवृत्ति से बचें। अपने भ्रमण के दौरान कई गांवों में लोगों को नशा मुक्ति का संदेश देने वाले मुनिश्री ने कहा कि वे यहां अपने प्रवास के दौरान यदि उनकी मुलाकात मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से हुई तो वे मप्र को नशा मुक्त राज्य घोषित कराने और गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने के प्रयासों में तेजी लाने की बात कहेंगे।
मप्र के शिवपुरी व रायसेन समेत देश के विभिन्न राज्यों के जंगलों में तप साधना कर चुके मुनिश्री ने कहा कि हिंसक पशु तब ही हमला करते हैं, जब हम उनसे छेड़छाड़ करें, लेकिन वर्तमान परिवेश में तो मनुष्य ही पशुता का व्यवहार कर रहा है।
दिलाते हैं शाकाहार का संकल्प
उन्होंने वर्ष 2006 में रायसेन जिले के ग्राम बिलखिरिया के जंगलों में बसे अनेक गांवों के हजारों लोगों को अपने उपदेशों से प्रेरित कर शाकाहारी रहने का संकल्प दिलाया था।
परिचय:कर्नाटक के जुगुल गांव में जन्मे मुनिश्री का पूर्व नाम धरणोंद्र कुमार है। आचार्य विद्यासागर महाराज से उन्होंने वर्ष 1987 में दीक्षा ली थी। उन्होंने कई पुस्तकें भी लिखी हैं। इसके पूर्व वर्ष 2005 में मुनिश्री राजधानी स्थित नेहरू नगर जैन मंदिर में पंचकल्याणक में आए थे।