अब सेब और अनार खरीदना हमारे बजट से बाहर

भोपाल। कश्मीर में सेब की बंपर फसल है। लेकिन, जमाखोरी से इसके दाम घटने के बजाय इस साल 40 रुपए किलो तक महंगे बिक रहे हैं। उधर, अनार की महाराष्ट्र में कमजोर फसल से इसके दाम आसमान छू रहे हैं। इनकी तरह अन्य फल भी महंगे हैं।
राजधानी में इन दिनों फल बाजार में फलों के दाम पिछले साल से 30-50 फीसदी तेज हैं। फल विक्रेताओं का तर्क है कि भले ही उत्पादन अच्छा हुआ हो, लेकिन डीजल महंगा होने के कारण माल भाड़ा बढ़ गया है। साथ ही दूसरी वस्तुओं के दामों में आई तेजी का भी असर फलों के दामों पर पड़ा है।
विदेशी फलों की भरपूर आवक
भले ही आम आदमी के लिए देशी फल खरीदना मुश्किल हो, लेकिन खास वर्ग के लिए राजधानी के फल बाजारों में विदेशी फल मिल रहे हैं। इनमें अमेरिका, चाइना से आए सेबफल, ऑस्ट्रेलिया के अंगूर, शामिल हैं। बिट्टन मार्केट में वाशिंगटन एप्पल के दाम 250-300 रु. किलो हैं। जबकि, चाइना एप्पल 230-280 रु., ऑस्ट्रेलियाई अंगूर 300 रुपए किलो है। न्यूजीलैंड से आ रहा किव नग से बिक रहा है। इसके 30 नग का पैकेट 550-600 रु. में मिल रहा है।
फलों के दामों पर एक नजर
फल------दिसंबर 2012------दिसंबर 2011------अंतर (प्रति.)
सेब------80-120------60-80------ 33
चीकू ------40-50------30-40------33
अनार------100-150------70-100------41
मोसंबी------40-50------30-40------33
संतरा------30-40------20-30------33
(दाम रुपए प्रति किलो में )






