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ऑनलाइन सीख रहे लैंग्वेज, तो ये हैं BEST SIX वेबसाइट्स
Dainik Bhaskar News
| Jun 28, 2012, 03:23AM IST

इन ऑनलाइन क्लासेज में वे विदेशी भाषा का ज्ञान लेते हैं और वोकेबलरी , प्रनन्सिएशन भी सीखते हैं। फॉरेन लैंग्वेज से जुड़े एक्सपर्ट कहते हैं कि ये कोर्स कुछ समय के ही होते हैं, साथ ही घर बैठे इन कोर्सेज को आसानी से किया जा सकता है। ग्लोबलाइजेशन के दौर में कंपनीज और एजुकेशन डिपार्टमेंट डिफरंट लैंग्वेज की डिमांड है जिसे पूरा करने यंग प्रोफेशनल्स इन वेबसाइट्स
की मदद लेते हैं।
कोर्स से करते हैं खुद को अपडेट
5 भाषाओं के जानकार लैंग्वेज ट्रेनर आमिर महबूब हर भाषा को अलग-अलग क्षेत्रों के मुताबिक प्रनन्शिएट करना भी बखूबी आता है। वे कहते हैं लैंग्वेज सीखने के साथ-साथ उस देश या क्षेत्र की वोकेबलरी, एक्सेंट, वाइस मॉड्यूलेशन और सबसे अहम बॉडी लैंग्वेज जानना भी बेहद जरूरी होता है। तभी हम उस क्षेत्र के लोगों के साथ अच्छे से मिक्सअप हो सकते हैं।
दो साल पहले तक केवल फॉरेन जाने की इच्छा रखने वाले स्टूडेंट्स ही ब्रिटिश, जर्मन, फ्रेंच आदि लैंग्वेज सीखते थे, लेकिन अब इंडिया की मेट्रो सिटीज में काम करने के लिए भी लोग लैंग्वेज कोर्स कर रहे हैं। मैं खुद भी दूसरे देशों में स्टूडेंट्स को ट्रेनिंग देने जाता हूं, इसलिए खुद को अपडेट करने ऑनलाइन लैंग्वेज कोर्स की हमेशा मदद लेता रहता हूं। इस पर दिए वीडियोज मुझे लैंग्वेज के साथ-साथ वहां के बात करने का तरीका और अभिवादन करने जैसी कई चीजों के तरीके जानने में आसान कर देते हैं।
ग्लोबल एक्सपोजर पाने का आसान तरीका है लैंग्वेज लर्निग
एब्रॉड स्टडी के लिए स्टूडेंट्स को गाइडेंस देने वाले वैदिक इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर विशाल दीक्षित कहते हैं ग्लोबल एक्सपोजर के लिए डिफरंट लैंग्वेज सीखना सबसे हेल्प फुल टूल है। विभिन्न देशों की यूनिवर्सिटीज में जब विजिट करने जाता हूं तो मैं हमेशा वहां की लैंग्वेज के कुछ वाक्य साइट्स के जरिए जरूर सीखकर जाता हूं, ताकि वहां कंफर्टेबल फील कर सकूं। चीन जाना काफी होता है, इसलिए चाइना काफी सीख ली है। इससे मुझे वहां की ज्यादा जानकारियां जुटाने और बाजार की स्थिति समझने में भी मदद मिलती है।
स्टूडेंट विभोर दुबे ने ऑनलाइन बिजनेस इंग्लिश सीखी है। वे बताती हैं कि कॉलेज में इंटर कल्चरल प्रोग्राम नाम का प्रोजेक्ट होता है, जिसमें हम वर्चुअल कंपनी क्रिएट कर दूसरे देशों के स्टूडेंट्स के साथ यह कंपनी चलानी होती है। मुझे यूरोपियन स्टूडेंट्स के साथ यह प्रोजेक्ट करना था। तब मैंने यूरोपियन कंट्रीज की वोकेबलरी, बिजनेस इंग्लिश की टर्मिनोलॉजी, फॉर्मल लैंग्वेज की टर्म्स सीखीं।
सीखने के बाद सिखा रहे जापानी
राष्ट्रीय तकनीक शिक्षक प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान के डायरेक्ट विजय अग्रवाल कुछ साल पहले एजुकेशनल टूर पर जापान गए। वहां के प्रोफेसर्स अंग्रेजी के साथ-साथ जापानी में भी बात करते जिससे वे कई बार उनकी बातों का जवाब नहीं दे पाता थे। तब उन्होंने वहीं पर जापानी सीखना शुरू की। इसके बाद भारत वापस आया तो उन्हें लगा कि अपनी मातृभाषा में ही बात करना पसंद करने वाले जापानियों से नॉलेज शेयरिंग के लिए उनकी भाषा सीखना चाहिए। तब उन्होंने जापानी ऑनलाइन सीखना शुरू की। अब वे बहुत अच्छी जापानी बोलने के साथ-साथ लिख लेते हैं और स्टूडेंट्स को सिखाते हैं।
लैंग्वेज सीखने के लिए वेबसाइट्स
www.indimart.com
www.el.doraboacademy.com
www.gsaind.org
www.foreignlanguagehome.com
www.livemocha.com
www.bbc.co.uk/languages/






