भोपाल। गीतकार जावेद अख्तर गुरुवार को सिटी आए। उन्होंने शाम को समन्वय भवन ऑडिटोरियम में हसनात फाउंडेशन की ओर से आयोजित लैक्चर ‘द टॉक’ में ‘100 ईयर्स ऑफ सिनेमा एंड इट्स इफेक्ट ऑन इंडियन सोसायटी’ विषय पर अपने विचार रखे।
साथ ही खालिद आबिदी की सिनेमा पर आधारित किताब का विमोचन भी किया। स्पेशल लैक्चर के दौरान उन्होंने जो भी कहा, उन्हीं के अल्फाजों में..
दोस्ती
भोपाल आना मेरे लिए खुशी की बात है। मैं यहीं पहली बार स्कूल और आखिरी बार कॉलेज गया हूं। यहां दोस्तों ने मेरा खूब साथ दिया, वो भी तब, जब मेरे पास अपना कंबल तक नहीं था। कंबल का वो कर्ज आज भी है मुझ पर।
लेखन
जब मैंने लेखन की शुरुआत की थी तब जानकार कहते थे कि कामयाब राइटर बनना चाहते हो तो छोटे शहरों पर लिखने की ओर ज्यादा ध्यान दो। अब यह थ्योरी उलटी हो गई है और अब सबका फोकस बड़े शहरों पर है।
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