भोपाल में ही लगेगा डॉप्लर राडार, केंद्र ने लगाई मुहर

भोपाल। चौतरफा विरोध के बाद आखिरकार केंद्र सरकार ने डॉप्लर राडार को भोपाल से कोच्चि शिफ्ट किए जाने का फैसला बदल दिया है। अब इसे भोपाल में ही स्थापित किया जाएगा। इसके लिए केंद्र सरकार ने मौसम केंद्र को राजधानी के अरेरा हिल्स पर निर्माणाधीन सात मंजिला इमारत में ही राडार लगाने की अनुमति दे दी है। मंगलवार को इसके लिए इंजीनियर राजधानी आ गए हैं। बुधवार से राडार के बेस रिंग को इमारत की छत पर चढ़ाने का काम शुरू होगा। मौसम केंद्र के मुताबिक 10 दिसंबर को केंद्रीय पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय ने फैक्स भेजकर राडार स्थापित करने की कार्यवाही शुरू करने के लिए निर्देश दिए हैं।
मंत्रालय ने राडार स्थापित करने वाली एसजीडब्ल्यू वेदर एंड एनवायर्नमेंट कंपनी को भी अपने इंजीनियर भेजने और इमारत का निर्माण कर रही सीपीडब्ल्यूडी को इसमें मदद करने के लिए पत्र लिखा है। कंपनी ने भी पत्र मिलते ही अपने इंजीनियर भेज दिए हैं। साथ ही सीपीडब्ल्यूडी भी सक्रिय हो गया है।
मौसम केंद्र के निदेशक डीपी दुबे ने बताया कि इंजीनियर बुधवार को बेस रिंग को इमारत की सबसे ऊपरी छत पर स्थापित करेंगे। इसके बाद अगले एक महीने के भीतर राडार और उसके उपकरणों को इमारत पर चढ़ाया जाएगा। गौरतलब है कि करीब 20 करोड़ की लागत से भारत मौसम विज्ञान विभाग राजधानी के अरेरा हिल्स स्थित मौसम केंद्र परिसर में इमारत का निर्माण और राडार का इंस्टालेशन सीपीडब्ल्यूडी से करा रहा है।
विधानसभा में लगाया संकल्प -
सतना से विधायक शंकरलाल तिवारी ने भी इस मामले में विधानसभा में अशासकीय संकल्प लगाया था। मंत्रालय ने उन्हें भी काम शुरू होने का जवाब भेज दिया है।
यह था मामला -
पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के तत्कालीन केंद्रीय मंत्री वायलार रवि ने अपने कार्यकाल में राडार को कोच्चि ले जाने का फैसला लिया था। वर्तमान मंत्री जयपाल रेड्डी ने भी इसे बरकरार रखा था।
दैनिक भास्कर ने उठाया था मामला
दैनिक भास्कर ने सबसे पहले 19 नवंबर को डॉप्लर राडार छीनने की तैयारी शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। इस बारे में जब आदेश आया तो 24 नवंबर को भी भास्कर ने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था। इसके बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कांतिलाल भूरिया, सांसद कैलाश जोशी समेत कई जनप्रतिनिधियों ने केंद्र सरकार को अपना फैसला वापस लेने के लिए पत्र लिखे थे।






