महमदू गजनी भी नहीं जीत सका था इस किले को
भारत पर अफगानी आक्रमणकर्ता महमूद गजनी ने 1023 में कालिंजर पर हमला किया था, लेकिन उसे वापस लौटना पड़ा। यहां पर चंदेल, रीवा के सोलंकी राजपूत शासकों का शासन रहा है।
1857 की क्रांति में भी बड़ी रही भूमिका : वर्तमान में उप्र के बांदा जिले में यह किला स्थित है, जो मप्र के पन्ना और छतरपुर जिले की सीमा के बिल्कुल समीप है। 1812 में अंग्रेजों ने बड़े संघर्ष के बाद इस किले पर कब्जा कर लिया। इसके बाद यह अंग्रेजों के कब्जे में और अंतिम समय में यहां पर 1947 तक अंग्रेज गैरिसन यहां पर काबिज रहा था।