कई युगों पुराना है कालिंजर का इतिहास : पौराणिक कथाओं के अनुसार भगवान शंकर ने यहीं पर अमृत मंथन के बाद निकले हलाहल का सेवन करने के बाद काल पर विजय प्राप्त की थी। यहीं से भगवान शिव का नाम नीलकंठ पड़ गया था। महाभारत काल में भी इसका उल्लेख आता है। इतिहासकारों का कहना है कि 150 से 250 ईसा पूर्व नए तरीके से किले का निर्माण बरगूजर राजा ने कराया था। यह किला अपने आप में अद्धितीय है अपनी विशेषताओं के कारण। इस किले का उल्लेख महाभारत में