भोपाल। ‘लड़कियों को आरामदायक लेकिन सावधानी से कपड़े पहनने चाहिए। पश्चिम की अंधी नकल के चलते हमारी सभ्यता प्रभावित होती है और ऐसे (गुवाहटी जैसे छेडख़ानी के मामले) अपराध होते हैं।’ लड़कियों के पहनावे पर राष्ट्रीय महिला आयोग की ममता शर्मा के इस बयान ने बहस छेड़ दी है। सिटी गर्ल्स का कहना है कि महिला आयोग की अध्यक्ष जैसे जिम्मेदार पद पर बैठी महिला की यह टिप्पणी भारतीय संविधान में दिए गए समानता के अधिकार पर भी सवालिया निशान लगाती है। साथ ही कपड़े पहनने जैसे पर्सनल मैटर पर ऐसी सीख देना छोटी मानसिकता को दिखाता है।
तस्वीरों के जरिए जानिए इस मामले में लड़कियों का क्या कहना है...