एक अधिकारी को फाइल आगे बढ़ाना महंग पड़ गया?
Source: Dainik Bhaskar News | Last Updated 05:15(10/02/12)
भोपाल। क्या पन्ना में बाघों के विलुप्त होने के मामले की सीबीआई जांच की फाइल आगे बढ़ाना अपर मुख्य सचिव (वन) स्वदीप सिंह के लिए भारी पड़ा? गुरुवार को हुए प्रशासनिक फेरबदल से ऐसी ही अटकलें लगाई जाती रहीं। 8 माह में ही उन्हें एसीएस वन से हटाकर मंत्रालय में ओएसडी नियुक्त करने से इन अटकलों को और बल मिला है। सिंह के स्थान पर आदिम जाति एवं अजा कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव देवराज बिरदी को वन विभाग का प्रमुख सचिव बनाया गया है।
1979 बैच के आईएएस अधिकारी स्वदीप सिंह के बारे में चर्चा है कि पन्ना मामले की सीबीआई जांच की अनुशंसा करने का कदम उच्च स्तर पर रास नहीं आया। पन्ना टाइगर रिजर्व में कभी तीन दर्जन से भी अधिक बाघ-बाघिन थे। लेकिन वर्ष 2008 के अंत तक आते-आते बाघ-बाघिनों का पूरा कुनबा खत्म हो गया। सितंबर 09 में नेशनल टाइगर कंजरवेशन अथॉरिटी ने राज्य शासन से पन्ना मामले की सीबीआई जांच करवाने की सिफारिश की थी। स्वयं वन मंत्री सरताज सिंह भी ऐसी ही जांच चाहते थे। तत्कालीन पीसीसीएफ (वन्य जीव) आरएस नेगी ने तो इस संबंध में फाइल भी तैयार कर ली थी, लेकिन उनके हटते ही यह फाइल फिर दूसरी फाइलों में दबा दी गई।
दाणी को अतिरिक्त प्रभार: लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में अपर मुख्य सचिव बने इंद्रनील शंकर दाणी को बिरदी के स्थान पर आदिम जाति कल्याण, अनुसूचित जाति कल्याण तथा विमुक्त घुमक्कड़ विभाग का अतिरिक्त प्रभार सौंपा है।
अजातशत्रु का आदेश 24 घंटे में वापस
मप्र कृषि विपणन बोर्ड के एमडी के साथ अजातशत्रु श्रीवास्तव मुख्यमंत्री के सचिव बने रहेंगे। गौरतलब है कि एक दिन पहले ही अजातशत्रु को इस पद से हटा दिया गया था। लेकिन राज्य सरकार ने उस आदेश को 24 घंटे में ही निरस्त कर दिया है।