जैसे ही यह बाला स्टेज पर थिरकने लगी, वैसे ही...
Source: Dainik Bhaskar News | Last Updated 04:22(10/02/12)
भोपाल। मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (मैनिट) के डॉ. राधाकृष्णन सभागार में गुरुवार शाम प्रवेश करना मुश्किल रहा। कारण सभागार में फुटलूज और मैनिट आइडल का फाइनल राउंड हो रहा था। स्टूडेंट्स धक्कामुक्की कर अंदर जा रहे थे। स्टेज पर स्टूडेंट्स की परफॉर्मेंस से ज्यादा हूटिंग हो रही थी। हूटिंग इतनी कि साउंड सिस्टम की आवाज दब रही थी। सभागार खचाखच भरा था, बालकनी भी फुल रही।
कई स्टूडेंट्स मंच के समीप तक बैठे तो कई को खड़ा ही रहना पड़ा। मैनिट आइडल और फुटलूज के 9-9 फाइनलिस्ट ने दो राउंड में अपनी परफॉर्मेंस दी। पहले राउंड में पार्टिसिपेंट्स ने सोलो परफॉर्मेंस दी। इन पर स्टूडेंट्स ने जोरदार हौसला अफजाई भी की। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि मौजूद निदेशक डॉ. अप्पू कुट्टन केके ने स्टूडेंट्स को ‘साइलेंट मोड’ में रहने को भी कहा।
फस्र्ट राउंड में गिटार की ट्यून पर सिंगर्स ने रंग जमाया और दूसरे राउंड में रिकॉर्डेड साउंड ट्रैक पर। वहीं, डांसर्स ने दूसरे राउंड में प्रॉब और ग्रुप में एनर्जेटिक परफॉर्मेंस दी। यह छात्रा (तस्वीर में) जैसे ही स्टेज पर डांस करने आईं, छात्रों ने जबरदस्त हूटिंग की और डांस का खूब आनंद उठाया। उन्हें प्रॉब बुधवार को दिए गए, जबकि सॉन्ग परफॉर्मेंस से कुछ मिनट पहले मिला, जो ज्यादा चैलेंजिंग रहा। डॉ. प्रीति ओंकार और प्रो. पुष्पेंद्र यादव जज थे।
रॉकिंग रहा सॉन्ग सिलेक्शन
‘रूबरू-मैनिट’ के इस ईवेंट में सॉन्ग सिलेक्शन एंटरटेनमेंट का मेन फैक्टर रहा। ‘सुबह होने न दे..’, ‘मैं ऐसा क्यों हूं’ और ‘नाचे रे नाचे मधुबाला..’ जैसे डिफरेंट मूड के सॉन्ग शामिल किए गए। वहीं, ‘इट्स एम-ए-एन-आई-टी.’ रैप सॉन्ग पर सभागार में मौजूद सारे स्टूडेंट्स सॉन्ग लाइन्स दोहराकर रैपर का साथ दिया। सिंगर्स ने जब ‘मुझे रात-दिन बस मुझे..’, ‘आज जाने की जिद न करो..’ और ‘तुमसे ही दिन होता है..’ जैसे सॉन्ग गाए, तो स्टूडेंट्स ने इसे ‘इमोशनल-अत्याचार’ कहकर खूब हूटिंग और व्हिस्लिंग की। सुगंधा देवा आदि ने फ्लोइंग एंकरिंग की ।
ये रहे विनर
मैनिट आइडल : जन्मेजय सिंह राठौड़, कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग, सेकंड ईयर। रनर अप- ऋत्विक धासौरा।
फुटलूज : चंद्रेश राठौड़, सिविल इंजीनियरिंग, सेकंड ईयर। रनर अप- अभिजीत सेठ।