पति बना हैवान, गुस्से में पीता रहा पत्नी का खून

भोपाल। मप्र मानवाधिकार आयोग में घरेलू हिंसा से जुड़ी ऐसी शिकायत आई है, जिसे सुनकर रोंगटे खड़े हो जाएं। शिकायत में कहा गया है कि एक युवक अपनी पत्नी को प्रताड़ित करने के लिए उसके शरीर में इंजेक्शन की निडल से खून निकालकर पीता है। इस मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने मप्र मानवाधिकार आयोग को जांच करने के लिए प्रकरण भेजा है। मामला सागर जिले के कर्रापुर गांव का है।
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने 11 मई को मप्र मानवाधिकार आयोग को इस मामले की जांच सौंपी है। मानवाधिकार जन निगरानी समिति की शिरिन शबाना खान ने शिकायत की थी कि मप्र के सागर जिले के कर्रापुर गांव में महेश अहिरवार नाम का व्यक्ति अपनी पत्नी को प्रताड़ित करता है। वो उसे प्रताड़ित करने के लिए इंजेक्शन की निडिल से उसका खून निकालकर पीता है।
यह खुलासा तब हुआ, जब उसकी पत्नी दीपा अहिरवार(22) गर्भवती हुई। खून की कमी की वजह से जब वो बेहोश हो गई तो उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। तब दीपा ने डॉक्टर को बताया कि उसके पति को नशा करने की लत है। जब उसे गुस्सा आता है तो वो उसके हाथ पैर बांधकर शरीर में सुई लगाकर खून पीता था। इस पर डॉक्टर ने पुलिस को बुलाया तो महिला ने रिपोर्ट लिखवाने से मना कर दिया।
इधर, कर्रापुर ग्राम के प्राथमिक चिकित्सा केंद्र के डॉ. बृजेश वर्मा का कहना है कि चूंकि मामला पुराना है, इसलिए कुछ भी बताना मुश्किल है। वहीं, कर्रापुर पुलिस ने मामले की जानकारी होने से इनकार किया है।
आयोग खुद करा रहा मामले की जांच
इस मामले में आयोग खुद जांच करा रहा है। इसके लिए आयोग ने डीजी एचके सरीन को निर्देश दिए हैं कि वे दो सप्ताह में मामले की वास्तविक स्थिति का पता लगाकर जांच रिपोर्ट आयोग के सामने प्रस्तुत करें।
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने मप्र मानवाधिकार आयोग को कर्रापुर गांव में पति द्वारा पत्नी के खून पीने के मामले की जांच के लिए भेजा है। आयोग ने इस मामले को गंभीरता लिया है।
- कुलदीप जैन, उप सचिव, मानवाधिकार आयोग








