अनावश्यक विवरण
कई कैंडीडेट बायोडाटा में अपने पूरे परिवार का इतिहास बता देते हैं, जैसे अपने पिता का नाम, मां का नाम, पत्नी और बच्चों की जानकारी।
कुछ लोग तो इतने आगे बढ़ जाते हैं कि वो अपने पिता, मां के काम और नौकरी का जिक्र भी कर देते हैं। कुछ मामलों में लोग अपने बच्चों की उम्र और भाई-बहनों के बारे में भी जानकारी देने लगते हैं। सच मानिए तो इसमें किसी की रुचि नहीं रहती। कम से कम एचआर मैनेजर की तो नहीं ही।
नौकरी के लिए भेजे जाने वाले सीवी में आपकी शादी की योग्यता नहीं परखी जाती। इसलिए अनावश्यक जानकारियां देने से बचें।