ऑल कैप्स को कहें न
अक्सर लिखित तौर पर किए जाने वाले कम्युनिकेशन में कैपिटल लेटर में लिखे गए शब्दों को ज्यादा जोर देने या हाईलाइट करने के लिए रखा जाता है।
बायोडाटा या सीवी को पूरे कैप्स में लिखना सीधे-सीधे आपकी बेरुखी दिखाता है। आप इससे बचेंगे तो यह अच्छा रहेगा।
भले ही आपको अपना नाम, सब हेडिंग, डेजिगनेशन, कंपनी और इंस्टीट्यूट का नाम लिखना हो तो उसे टाइटल केस में लिखें। इसी तरह सही जगह पर कैपिटल लेटर्स का इस्तेमाल न करना भी बेवकूफी से कम नहीं।
अगर आप किसी शब्द को शॉर्ट फार्म में लिख रहे हैं, तो उसे कैपिटल लेटर में ही लिखें। किसी संस्था के नाम का एब्रिविएशन लिखते समय उसे पूरी तरह कैपिटल लेटर में ही लिखें। जैसे इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी की जगह कैपिटल लेटर्स में आईआईटी लिखना अच्छा होगा।
अपना दिमाग इस बात में लगाएं कि आप क्या लिख रहे हैं और क्यों लिख रहे हैं। आपने जो लिखा है वह लोगों को समझ में आएगा या नहीं।