भोपाल। अगला विधानसभा चुनाव जीतने के लिए भाजपा विधायक पचमढ़ी में मंथन करेंगे। 2 से 4 मार्च तक होने वाले इस मंथन में हर विधायक यह बताएगा कि उसने पिछला चुनाव कैसे जीता। विकास यात्रा के अनुभव भी बांटे जाएंगे। इसके बाद पार्टी 2013 का विधानसभा चुनाव जीतने की अपनी रणनीति तैयार करेगी। मंथन में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और उनके मंत्रिमंडल के साथ प्रदेश भाजपा अध्यक्ष प्रभात झा और संगठन महामंत्री अरविंद मेनन भी मौजूद रहेंगे। अब तक की तैयारियों के अनुसार 2 मार्च को विस की कार्रवाई निपटाने के बाद मुख्यमंत्री, सभी मंत्री, विधायक और पार्टी पदाधिकारी एक साथ पचमढ़ी के लिए रवाना हो जाएंगे।
क्या थी परेशानी और कैसे निकाला हल : अब तक बनी कार्ययोजना के अनुसार पार्टी के सभी 151 विधायक 2008 के विधानसभा चुनाव में अपनाई रणनीति बताएंगे। वे यह भी बताएंगे कि चुनाव प्रचार के दौरान उन्हें किस तरह की परेशानियां आईं, उनका क्या हल निकाला।
विपक्षी उम्मीदवार की कमजोरियां कैसे तलाशी और उनका अपने पक्ष में क्या उपयोग किया? इसके अलावा विकास यात्रा के दौरान जनता व कार्यकर्ताओं से उन्हें क्या फीडबैक मिला और विधानसभा क्षेत्र की अब क्या स्थिति है। अगला चुनाव जीतने के लिए क्या सावधानी रखना पड़ेगी और कैसी रणनीति बनाना होगी। इन सभी मुद्दों पर खुलकर विमर्श होगा।
कांग्रेस भी कर चुकी है मंथन
इसके पूर्व सितंबर 1998 में कांग्रेस ने भी पचमढ़ी में विचार मंथन शिविर का आयोजन किया था। 4 से 6 सितंबर 1998 तक हुए इस मंथन के बाद कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी ने पचमढ़ी घोषणा पत्र जारी किया था।
पचमढ़ी की वादियों में सरगर्म रही है राजनीति
जून 2006 में भी शिवराज सिंह चौहान अपने पूरे मंत्रिमंडल के साथ पचमढ़ी पहुंचे थे। तब यहां सरकार के बारे में मंथन हुआ था। इसके बाद 8 और 9 जनवरी 2008 में भी मंथन हुआ। इसमें पार्टी के वरिष्ठ नेता सुंदरलाल पटवा, कैलाश जोशी, विक्रम वर्मा, कैलाश जोशी, पार्टी के तत्कालीन प्रदेशाध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर सहित अन्य वरिष्ठ नेताओं ने हिस्सा लिया था। इसमें संगठन के विभिन्न पहलुओं पर विचार हुआ था।