एनडीए सत्ता में आया तो रिटेल में एफडीआई वापस : जोशी

भोपाल। पूर्व केंद्रीय मंत्री व भाजपा के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी ने कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) सत्ता में आया तो मल्टी रिटेल ब्रांड सेक्टर से एफडीआई को वापस लेंगे। जोशी शनिवार को भोपाल में मीडिया से बात कर रहे थे। उन्होंने कहा कि लोकसभा और राज्यसभा में संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) की जीत सीबीआई के दबाव की जीत है न कि एफडीआई की है।
जोशी ने केंद्रीय वित्तमंत्री पी. चिदंबरम पर निशाना साधते हुए कहा कि जब तक प्रणब मुखर्जी वित्त मंत्रालय देख रहे थे तब तक एफडीआई की कोई चर्चा नहीं थी। यूपीए की अध्यक्ष सोनिया गांधी भी इसके विरोध में रहीं लेकिन तीन महीने में सबकुछ बदल गया। स्पष्ट है कि चिदम्बरम आए और विभीषिका लाए हैं।
भाजपा गांव-गांव में जाकर इसका विरोध करेगी। भले ही एफडीआई का रास्ता साफ हो गया हो लेकिन आने वाला समय उसके लिए खतरे की घंटी होगा। मल्टी ब्रांड आसानी से नहीं चल पाएगा।
भारतीय पार्टनर के कंधे पर बंदूक रखकर ही कुछ समय तक चलेगा। उन्होंने कहा कि एफडीआई तो चीन और अमेरिका की अर्थव्यवस्था सुधारने के लिए आ रहा है। राममंदिर बनाने के वादे को एनडीए ने पूरा नहीं किया। फिर एफडीआई पर जनता कैसे भरोसा करे?
इस पर जोशी ने कहा कि मंदिर तो बनना ही है। उसे कोई नहीं रोक सकता। सब्सिडी वाले रसोई गैस के सवाल पर जोशी ने कहा कि यह नीति ठीक नहीं है। देश में पैदा हो रहे पेट्रोलियम व गैस का भी अंतरराष्ट्रीय मूल्य रखा जा रहा है। मप्र में खुले वॉलमार्ट पर जोशी ने कहा कि यह सिंगल ब्रांड स्कीम के तहत है। भाजपा संगठन चुनाव पर जोशी ने सिर्फ इतना कहा कि मप्र में चुनाव आएंगे तब पता चल जाएगा कि कौन अध्यक्ष बनेगा।
ओबामा को लाभ पहुंचाने के लिए आई एफडीआई : जोशी ने एफडीआई के मामले में कहा कि अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव के दौरान जनता नौकरी मांग रही थी। भारत ने चुनाव के समय ही एफडीआई का रास्ता खोलकर ओबामा की मुसीबत दूर की है।
मप्र की विभूति हैं दिग्विजय
कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव दिग्विजय सिंह के बारे में जोशी ने कहा कि वे मप्र की विभूति हैं। उनके अनेक वचन हैं। सामान्य बुद्धि की व्यक्ति हूं, इसलिए कोई टिप्पणी नहीं कर सकता।
फिर मप्र में क्यों खुल रहे विदेशी शो-रूम
दिग्विजय सिंह ने कहा- भाजपा एक ओर केंद्र में रिटेल में एफडीआई का विरोध कर रही है, वहीं दूसरी ओर मध्यप्रदेश में विदेशी कंपनियों के दो शो-रूम खुल चुके हैं। यह भाजपा की दोहरी नीति है।






