इस स्कूल में बच्चों की नज़र किताबों पर नहीं छत पर होती है
Source: dainik bhaskar news | Last Updated 05:56(29/01/12)
माचलपुर/भोपाल. शिक्षा का अधिकार लागू होने के साथ शासन स्कूलों को नए भवन और अतिरिक्त कक्षों का निर्माण करवा रही है। नगर का शासकीय हायर सेकंडरी स्कूल भवन विहीन होने के साथ जर्जर भवन में लगाया जा रहा है। यह स्कूल लोक निर्माण विभाग के वर्षो पुराने जर्जर भवन में संचालित किया जा रहा है। इसमें अध्ययनरत छात्रों के सिर पर कवेलू गिरने का खतरा बना रहता है।
स्कूल में कक्षा 9 से कक्षा 12वीं तक की कक्षाओं में 46 0 छात्र पढ़ाई करते हैं। भवन की हालत यह है कि कक्षाओं में अध्ययनरत बच्चों के सिर पर भवन की छत में लगे टूटे-फूटे कवेलू गिरते रहते हैं। इसके चलते कई बच्चे चोटिल भी हो चुके हैं। इसके बावजूद भी न तो इस ओर विद्यालय प्रबंधन का ध्यान है और न ही प्रशासन इसकी सुध ले रहा है।
बारिश में होती परेशानी
बारिश में परेशानियां दोगुना हो जाती है। बारिश का पानी भी बच्चों के ऊपर टपकता रहता है। इससे कपड़ों के साथ किताबें भी खराब हो जाती हैं। वहीं पानी के साथ कवेलू भी गिरते रहते हैं। इससे बच्चों का ध्यान पढ़ाई पर कम और कवेलू व पानी पर अधिक रहता है। इससे पढ़ाई भी प्रभावित होती है।
पानी अधिक टपकने पर कई बार तो स्कूल की छुट्टी भी करना पड़ती है। ऐसा नहीं कि इसकी जानकारी शिक्षा विभाग के आला अधिकारियों को नहीं है। कई बार विभागीय अधिकारियों के साथ प्रशासनिक अधिकारी स्कूलों का निरीक्षण के साथ कार्यक्रमों में भाग ले चुके हैं। स्कूल प्रबंधन भी स्कूल की स्थिति पर ध्यान नहीं दे रहा है।