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16 दवाओं की एक गोली से ठीक होगी डायबिटीज

Dainik Bhaskar News | Dec 11, 2012, 05:16AM IST
 
 


भोपाल। डायबिटीज के मरीजों की संख्या देश में तेजी से बढ़ रही है। इस बीमारी को नियंत्रित करने के लिए 16 प्रकार की वनस्पतियों से एक टेबलेट बनाई गई है, जो व्यक्ति के शरीर में बढ़े हुए शुगर के स्तर को नार्मल करता है। यह जानकारी मेदांता मेडिसिटी गुडग़ांव के इंटीग्रेटेड मेडिसिन डिपार्टमेंट के प्रमुख डॉ. गीता कृष्णन ने दी। उन्होंने बताया कि यह टेबलेट आंवला, जामुन, हल्दी जैसी वनस्पतियों के मिश्रण से बनाई गई है।

डायबिटीज  के मरीजों के इलाज में काम आने वाली इस टेबलेट पर एलोपैथिक डॉक्टर्स सवाल न उठा सके, इसके लिए इस दवा के ट्रायल की मंजूरी ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया से ली जा रही है। ट्रायल के नतीजों के बाद यह दवा सभी मेडिकल स्टोर्स पर बिकने लगेगी।

प्रदेश में आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार आयुर्वेद एडवाइजरी बोर्ड का गठन करेगा। बोर्ड गठन की कार्रवाई अगले एक माह में पूरी कर ली जाएगी। आयुर्वेदिक दवा निर्माता कंपनियां प्रदेश में दवाएं बनाने के लिए कारखाना खोले, इसके लिए आयुर्वेद इंडस्ट्रियल पॉलिसी बनाई जाएगी। यह घोषणा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पांचवें विश्व आयुर्वेद सम्मेलन के समापन अवसर पर की। इस मौके पर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) के सह सरकार्यवाह सुरेश सोनी और परम कंप्यूटर के आविष्कारक डॉ. विजय भाटकर, उद्योग मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, आयुष राज्य मंत्री महेंद्र हार्डिया, जल संसाधन मंत्री जयंत मलैया भी मौजूद थे।

श्री चौहान ने कहा कि राज्य के सभी जिलों में एलोपैथिक चिकित्सा पद्धति के स्वास्थ्य मेलों के साथ आयुर्वेद स्वास्थ्य मेले लगाए जाएंगे। इनमें आयुर्वेदिक चिकित्सा महाविद्यालयों और आयुष डिस्पेंसरी के आयुर्वेद डॉक्टर मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण करेंगे। इन मेलों में इलाज कराने वाले मरीजों की न केवल नि:शुल्क मेडिकल जांच होगी, बल्कि दवाएं भी मुफ्त में मुहैया कराई जाएंगी। इससे पहले उन्होंने प्रदेश में आयुर्वेदिक दवाओं पर रिसर्च और दवा निर्माण को बढ़ावा देने के लिए आयुर्वेद इंडस्ट्रियल पालिसी बनाने की घोषणा की। इस पालिसी में दवा निर्माता कंपनियों को राज्य सरकार प्रदेश में कारखाना अथवा लैब स्थापित करने पर क्या-क्या सुविधाएं देंगीं, इसका उल्लेख भी किया जाएगा।

सरकारी आयुर्वेदिक कॉलेज को शोध केंद्र बनाएंगे : श्री चौहान ने कहा कि पं. खुशीलाल शर्मा आयुर्वेदिक चिकित्सा महाविद्यालय को शोध केंद्र बनाया जाएगा। केंद्र में किस प्रकार की बीमारियों की दवाओं पर शोध किया जाएगा, यह आयुर्वेद एडवायजरी बोर्ड तय करेगी। शोध केंद्र के लिए जरूरत पडऩे पर आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉक्टरों की भर्ती भी की जाएगी। उन्होंने मंच से स्पष्ट कर दिया कि प्रदेश में आयुर्वेद विश्वविद्यालय फिलहाल नहीं खुलेगा।

 

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