भोपाल. परमिशन तो दी, हेल्थ क्लब के लिए, लेकिन चल रहे हैं मैरिज गार्डन। यही नहीं जो ले आउट स्वीकृत किया गया, उसके उलट ओपन स्पेस पर भी निर्माण कर लिया गया। कार्रवाई करने के लिए जिम्मेदार नगर निगम के अधिकारी भी खामोश रहे।
विधानसभा में जुलाई 2009 के सत्र में विधायक विश्वास सारंग और जितेंद्र डागा ने यह मामला उठाया था। इस पर शासन ने जांच के लिए 20 अगस्त, 2009 को प्रोजेक्ट उदय की तत्कालीन परियोजना संचालक दीप्ति गौड़ मुखर्जी और नगरीय प्रशासन विभाग के मुख्य अभियंता केके श्रीवास्तव की दो सदस्यीय कमेटी गठित की। कमेटी ने जनवरी 2010 में अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपते हुए यहां के सभी 9 मैरिज गार्डन में अनियमितता बताई थी। इनमें से दो मैरिज गार्डन तो पूरी तरह से अवैध हैं।
इनमें से दो लोगों ने एक हेल्थ क्लब की परमिशन लेकर दो-दो मैरिज गार्डन तान दिए हैं।