हिमालय की बर्फबारी से ठिठुरी राजधानी, दिसंबर की सबसे ठंडी रात

भोपाल। हिमालय में हुई बर्फबारी के कारण वहां से आ रही ठंडी हवाओं ने गुरुवार को राजधानी को ठिठुरा दिया। सुबह से ही लोग ठंड की चपेट में थे। वहीं, इस महीने पहली बार न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से नीचे गया है। मौसम केंद्र ने अनुमान जताया है कि अभी दो-तीन दिन ऐसी ही सर्दी बरकरार रह सकती है। उधर, प्रदेश के अन्य हिस्सों में तेज ठंड पडऩा शुरू हो गई है।
मौसम केंद्र के मुताबिक गुरुवार को न्यूनतम तापमान 7.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। यह सामान्य से चार डिग्री कम था। जबकि बुधवार के मुकाबले भी इतना ही कम था। बुधवार को 11.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। अधिकतम तापमान में कोई बदलाव नहीं हुआ है। यह बुधवार की भांति 25.3 डिग्री सेल्सियस ही रिकॉर्ड हुआ है।
क्यों गिरा पारा
जम्मू-कश्मीर में बना पश्चिमी विक्षोभ बर्फबारी के बाद आगे बढ़ गया। जबकि इसके पीछे आ रहा दूसरा पश्चिमी विक्षोभ पाकिस्तान में अटक गया है। इसके चलते प्रदेश में उत्तरी दिशा से उत्तरी और उत्तरी-पूर्वी हवाएं आना शुरू हो गई। ये काफी सर्द हवाएं हंै। जबकि इससे पहले प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम और उत्तर-पश्चिमी हवाएं आ रही थीं, जो कि गर्म हवाएं थीं।
दिसंबर में ठंड
अब तक सबसे कम तापमान
3.1(11 दिसंबर, 1966)
सबसे ज्यादा तापमान
32.8 (11 दिसंबर, 1941)
अभी शीतलहर का इंतजार
भले ही कड़ाके की सर्दी शुरू हो गई है, लेकिन शीत लहर के लिए अभी लोगों को इंतजार करना पड़ेगा। दिसंबर के अंत में या फिर जनवरी में शीतलहर चल सकती है।
कब होती है शीतलहर
मौसम विज्ञानियों के मुताबिक जब सामान्य तापमान 10 डिग्री सेल्सियस रहता है तब यदि न्यूनतम तापमान 4 से 6 डिग्री दर्ज किया जाए तो शीत लहर की स्थिति निर्मित होती है। ऐसे में पांच से दस किमी रफ्तार वाली ये ठंडी हवाएं बीमार कर देती हैं।






