हंगामे की भेंट चढ़ा विकास का मुद्दा, ऐसा दिखा नजारा

मुरैना। नगरपालिका परिषद की बैठक में शहर के विकास के सभी बिंदु हंगामे की भेंट चढ़ गए। एजेंडे के 108 बिंदुओं में से एक पर भी न तो चर्चा हो सकी और न ही निर्णय। यहां तक कि पशुपतिनाथ मेला लगाने का बिंदु भी पास नहीं हो सका। बैठक में कई बार सीएमओ व पार्षदों के बीच भिड़ंत होने से बची। बैठक में आई महिला पार्षद भी आज सीएमओ पर आक्रामक दिखीं। करीब डेढ़ घंटे तक नगरपालिका में जमकर हंगामा हुआ। हालांकि सीएमओ बैठक के बीच से उठकर चले गए।
शुक्रवार दोपहर 12 बजे नगरपालिका परिषद की बैठक जैसे ही शुरू हुई। वैसे ही बैठक से एक दिन पहले अध्यक्ष के एजेंडे के अलावा सीएमओ द्वारा दूसरा एजेंडा जारी करने को लेकर विवाद शुरू हो गया। अध्यक्ष राजेश कथूरिया से लेकर अन्य पार्षद अपनी अपनी कुर्सियों से खड़े हो गए और अध्यक्ष के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। शुरुआत में सीएमओ रामवीर सिंह ने जवाब देने का प्रयास किया, लेकिन सभी पार्षद एकजुट होकर सीएमओ पर हावी हो गए। करीब एक घंटे चुपचाप बैठने के बाद सीएमओ बैठक को छोड़कर अपने चेंबर में चले गए।
एकाउंट अफसर को लेकर हुआ विवाद: बैठक में एजेंडे के बिंदुओं पर तो विचार नहीं हुआ। सीएमओ द्वारा जारी दूसरे एजेंडे के बिंदु में लेखा अधिकारी को बहाल करने के मामले पर पार्षदों ने हंगामा शुरू कर दिया। अध्यक्ष राजेश कथूरिया ने कहा कि मामला कोर्ट में चल रहा है, इसलिए इस पर विचार की जरूरत ही नहीं है। सीएमओ ने इस बिंदु को जोड़ लिया है। जबकि उनके जारी एजेंडे में यह बिंदु था ही नहीं।
विकास के साथ अटका पशुपतिनाथ मेला
बैठक के निरस्त होने से न केवल शहर के बिंदु पास हो पाए, बल्कि पशुपति नाथ मेला लगाने काम काम भी अटक गया। अभी यह भी निर्णय नहीं हुआ है कि अगली बैठक कब होगी। ऐसे में अब पशुपतिनाथ मेला लगना मुश्किल ही लग रहा है।






