रात दो बजे घर से भाग रही थी बेटी, बाप ने पकड़ा और फिर...

इंदौर। परदेशीपुरा में एक पिता ने अपनी 19 साल की इकलौती बेटी की गला घोंटकर हत्या कर दी। युवती घर के सामने रहने वाले लड़के से प्यार करती थी लेकिन उसके परिवार को यह रिश्ता मंजूर नहीं था। शनिवार रात 2 बजे के करीब वह प्रेमी के साथ भागने का प्रयास कर रही थी तभी पिता शिवनारायण ने उसे पकड़ लिया और गला घोट दिया।
हत्या के बाद शिवनारायण खुद थाने पहुंच गया और जानकारी दी कि मैंने अपनी बेटी ज्योति की हत्या कर दी। भास्कर से बातचीत में उसने बताया बताया कि वह लड़का हमारी जात का नहीं था। अगर मेरी बेटी उससे शादी कर लेती तो मैं समाज में क्या मुंह दिखाता।
‘वह गेट पर झोला लेकर खड़ी थी’
शिवनारायण ने बताया वह दवा फैक्टरी में काम करता है। रात 11.30 बजे घर आया। मकान के ऊपर के हिस्से में वह जबकि नीचे किराएदार रहते हैं। शिवनारायण ने नीचे के गेट पर ताला लगाकर चाबी अपने पास रख ली थी। ऊपरी मंजिल स्थित हॉल में शिवनारायण, उसकी पत्नी मंजू, मां धापूबाई व ज्योति सो रहे थे। डेढ़ बजे शिवनारायण की नींद खुली तो ज्योति वहां नहीं मिली। वह उसे ढूंढता हुआ नीचे गया तो ज्योति गेट के पास झोला लिए खड़ी थी।
‘सांसें थमने तक नहीं छोड़ा गला’- शिवनारायण ने ज्योति से पूछा कहां जा रही है तो वह बोली आप लोग मेरी शादी मोनू से नहीं करा रहे हो इसलिए मैं उसके साथ जा रही हूं। इतना सुनते ही शिवनारायण ने कहा ऐसे कैसे जाएगी और ज्योति का गला घोंटने लगा। वह तब तक गला दबाता रहा जब तक वह निढाल होकर फर्श पर नहीं गिर पड़ी।
‘मैं उसे नहीं मारता तो समाज में क्या मुंह दिखाता’
भास्कर ने शिवनारायण से बात की तो उसने ये जवाब दिए
प्र. बेटी को क्यों मारा?
- उसने मेरे मुंह पर दूसरे लड़के के साथ भागने की बात कही तो खून खौल गया।
प्र. तुम उसकी शादी दूसरी जगह क्यों कर रहे थे, उसकी पसंद के लड़के से क्यों नहीं?
- वह लड़का हमारी जात का नहीं था। अगर वह शादी कर लेती तो मैं समाज में क्या मुंह दिखाता।
प्र. अब तो वह नहीं रही क्या समाज में इज्जत बढ़ जाएगी?
- अब पछतावा हो रहा है लेकिन मैं क्या करता गुस्सा आ गया था।
‘शादी हो जाती तो समाज में नाक कट जाती’
ज्योति के बड़े भाई अनिल व छोटे भाई राहुल से भी बात की
प्र. आपका परिवार ज्योति की शादी जबर्दस्ती क्यों कर रहा था?
- लड़का हमारे समाज का नहीं था।
प्र. आपके पिता ने ज्योति को मार डाला, सही किया या गलत?
- ज्योति लाड़ली बहन थी लेकिन पिता नहीं मारते और वह शादी कर लेती तो समाज में नाक कट जाती।
प्र. क्या आपको इकलौती बहन की मौत का जरा भी गम नहीं?
- गम तो बहुत है लेकिन पिता सही थे। मैंने और राहुल ने ज्योति के कारण ही पिछले माह मालवीयनगर में दूसरा घर ले लिया था।
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