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मोबाइल तो यूज करते हैं आप, लेकिन क्या ये जरूरी रूल्स जानते हैं?

अमित दुबे | Apr 28, 2012, 00:32AM IST
 
 

ग्वालियर। बिजनेसमैन ब्रजेश सिंघल आईसीयू में अपने किसी परिचित को अटैंड करने गए। मोबाइल बजते ही मरीज डिस्टर्ब हो गया, लेकिन ब्रजेश बाहर न जाते हुए आईसीयू में ही जोर-जोर से बात करना शुरु कर दिया। आखिरकार डॉक्टर ने मरीज की तबियत देखते हुए उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया।
ऐसे एक या दो लोग नहीं बल्कि कई लोग हैं, जो मोबाइल मैनर्स के चलते कई बार दूसरों के सामने अपनी निगेटिव इमेज बना लेते हैं।

एक्सपर्ट्स के अनुसार लोगों को मोबाइल का यूज तो पता है, लेकिन वे इसके एटिकेट्स से बिल्कुल अनजान हैं। सिनेमाघर हों या होटल की लॉबी, हॉस्पिटल हो या ऑफिस का कॉन्फ्रेंस रूम अक्सर लोग यहां गलत तरीके से फोन पर बात करते दिखाई देते हैं, जिससे लोग भी डिस्टर्ब होते हैं और उनकी भी इमेज बिगड़ती है। ऐसे में जरूरी है कि लोगों को मोबाइल एटीकेट्स के बारे में जानकारी हो, ताकि उनका इंप्रेशन खराब न हो।

अब संस्थान सिखाएंगे मैनर्स

समर वैकेशन में माधव इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड साइंस (एमआईटीएस) एवं एमपीकॉन लिमिटेड एक पंद्रहदिवसीय कोर्स शुरू करने जा रहा है। मई से प्रारंभ होने वाले इस कोर्स में युवाओं को मोबाइल फोन पकड़ने से लेकर इसमें रिंगटोन सेट करने और किन स्थानों पर फोन रिसीव करना है, कहां नहीं, इसके बारे में सिखाया जाएगा।

मई से प्रारंभ होगा कोर्स

एमपीकॉन लिमिटेड के रीजनल हैड आशीष भार्गव और एमआईटीएस के दीप शर्मा कहना है कि मई और जून से कम्युनिकेशन स्किल प्रोग्राम शुरू किए जाएंगे। इस प्रोग्राम के अंतर्गत पर्सनालिटी डवलपमेंट, लीडरशिप और मोबाइल मैनर्स के गुर सिखाए जाएंगे। तीन महीने के इस कोर्स में पंद्रह दिन विशेषकर मोबाइल मैनर्स के बारे में बताया जाएगा।

जगह के अनुसार हों रिंगटोन

मोबाइल की रिंगटोन कैसी हो, इस बात का निर्णय जगह और अपनी पर्सनालिटी के हिसाब से करना चाहिए। ऑफिस में जॉब करने वाले एंप्लॉई को रिंगटोन हमेशा हैलो ट्यून सेट करनी चाहिए। इसके अलावा यूथ एनर्जेटिक लेकिन स्लो वॉल्यूम में रिंगटोन सेट करें। जो लोग धार्मिक स्थलों पर जाते हैं, उन्हें भी अपनी मोबाइल रिंगटोन में कुछ बदलाव करना चाहिए।

इनका करें यूज

- मैनर्स के दो बटन: मोबाइल फोन में स्विच ऑफ और वाइब्रेशन दोनों ही बटन मैनर्स के लिए जरूरी हैं। इन दोनों का उपयोग समय के मुताबिक करें।

- यहां रखें वाइब्रेशन मोड: सार्वजनिक स्थान, हॉस्पिटल, लाइब्रेरी, मीटिंग में मोबाइल वाइब्रेशन मोड पर रखना चाहिए।

- सिर्फ कान तक जाए आवाज : कुछ लोग कॉल आते ही जोर से बात करने लगते हैं, खासकर एसटीडी कॉल पर। जबकि इसकी आवश्यकता नहीं है। सार्वजनिक स्थानों पर हों तो अपनी आवाज उतनी ही रखें, जितनी आपके कानों तक जाए। यदि कॉल करने वाले व्यक्तिको आवाज सुनाई नहीं दे रही तो फोन को हाथ से ढककर बात करें।

- व्यस्त होने पर भेजें एसएमएस: अगर आप किसी मीटिंग में हैं और कोई महत्वपूर्ण कॉल आ जाए तो कॉल रिसीव करने के लिए थोड़ी दूर चले जाएं। लेकिन इससे पहले सामने बैठे व्यक्तिसे सॉरी या एक्सक्यूज मी अवश्य बोलें।

- करें एसएमएस का यूज: कम महत्वपूर्ण कॉल को एसएमएस टैंपलेट का उपयोग कर एसएमएस भेज सकते हैं।

- यहां करें मोबाइल स्विच ऑफ: धार्मिक स्थान, स्कूल और कॉलेज क्लासरूम में मोबाइल फोन को स्विच ऑफ रखें। (जैसा कि पर्सनालिटी डवलपमेंट एक्सपर्ट अजय पाटिल व कीर्ति गौड़ ने बताया)
 
 
 

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